स्कॉलरशिप पा रहे छात्र को भी चाहिए बेरोजगारी भत्ता, आईआईटी छात्र के लिए पिता ने लिया फॉर्म

Author Ashish Jha
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Yuva Sathi: एमटेक के छात्र द्वारा यूथ साथी प्रोजेक्ट फॉर्म लेने के संबंध में चुंचुरा नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 के तृणमूल पार्षद झांटू बिश्वास ने कहा- यूथ साथी प्रोजेक्ट के लिए उच्च शिक्षित या कम शिक्षित होना मायने नहीं रखता.

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Yuva Sathi: कोलकाता : चुंचुरा में एक युवा शोधकर्ता को यूथ पार्टनर प्रोजेक्ट के लिए फॉर्म जमा करने के लिए कतार में खड़े देखा गया. एक बुजुर्ग पिता को आईआईटी में एमटेक की पढ़ाई कर रहे एक छात्र के लिए फॉर्म लेते हुए देखा गया. उनके बेटे को अभी 12,500 टका का वजीफा मिलता है. उनका सवाल यह है कि क्या इस वजीफे के बाद भी उनके बेटे को युवा साथी की राशि भी मिलेगी. इस संबंध में सत्ताधारी पार्टी का कहना है कि सरकार की यह वित्तीय सहायता नौकरी की परीक्षा में उपयोगी होगी.

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पिता को बेटे को पढ़ाने के लिए चाहिए मदद

अर्नब मुखर्जी, चंचुरा के रथतला क्षेत्र के निवासी आलोक मुखर्जी के पुत्र हैं. उन्होंने बांडेल डॉन बॉस्को स्कूल से शिक्षा प्राप्त की और मगरा के एक निजी कॉलेज से बी टेक की उपाधि प्राप्त की. वर्तमान में वे असम के गुवाहाटी स्थित आईआईटी से एम टेक कर रहे हैं. आलोक बाबू एक अर्ध-सरकारी संगठन में कार्यरत थे. उस दिन वे सदर उपमंडल प्रशासनिक कार्यालय के सामने स्थित युवा साथी पंजीकरण शिविर से अपने बेटे का फॉर्म लेने आए थे. उन्होंने कहा- मैंने अपने बेटे को फोन किया और उसे युवा साथी परियोजना के बारे में बताया. उसकी पढ़ाई के भी कुछ खर्चे हैं. इसलिए अगर इस परियोजना से मुझे मदद मिल सकती है, तो मैं फॉर्म ले लूंगा. मेरा बेटा 2027 में एमटेक पूरा करेगा. यह युवा साथी नौकरी की परीक्षा में उसके लिए उपयोगी होगा.

भाजपा ने उठाया बेरोजगारी पर सवाल

एमटेक के छात्र द्वारा यूथ साथी प्रोजेक्ट फॉर्म लेने के संबंध में चुंचुरा नगरपालिका के वार्ड नंबर 6 के तृणमूल पार्षद झांटू बिश्वास ने कहा- यूथ साथी प्रोजेक्ट के लिए उच्च शिक्षित या कम शिक्षित होना मायने नहीं रखता. न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता माध्यमिक विद्यालय उत्तीर्ण निर्धारित की गई है. उच्च शिक्षा प्राप्त करने वालों को यह प्रोजेक्ट उनकी पढ़ाई और नौकरी की परीक्षाओं में उपयोगी लगेगा. यह एक अभूतपूर्व प्रोजेक्ट है. पार्टी संबद्धता की परवाह किए बिना सभी को यह मिलेगा. यह प्रोजेक्ट उच्च शिक्षा प्राप्त करने वालों के लिए नौकरी मिलने तक बहुत उपयोगी साबित होगा. दूसरी ओर, भाजपा इस मुद्दे को लगातार उठा रही है. भाजपा नेता सुरेश साउ ने कहा- राज्य सरकार यह भत्ता दे रही है, जो अच्छी बात है, लेकिन लंबी कतारें देखकर हम हैरान हैं. उच्च शिक्षित युवा फॉर्म लेने के लिए कतार में खड़े हैं. इसका मतलब है कि ये युवा पंद्रह साल से बेरोजगार हैं. यह इसका जीता-जागता उदाहरण है.

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