कुलपति पर हमले और तोड़फोड़ के आरोप में SRFTI के 6 छात्र निष्कासित, छात्र संघ ने दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी
एसआरएफटीआई कोलकाता. फोटो : X
SRFTI Kolkata Protest: एसआरएफटीआई में सुरक्षा को लेकर जारी आंदोलन के बीच छह छात्रों को निष्कासित कर दिया गया है. संस्थान प्रशासन ने मारपीट, तोड़फोड़ और अनुशासन उल्लंघन के आरोप लगाए हैं. छात्र संघ ने कार्रवाई को अनुचित बताया और सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर हुए समझौते के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए कुलपति के इस्तीफे की मांग दोहरायी.
SRFTI Protest: सत्यजीत राय फिल्म एवं टेलीविजन संस्थान (एसआरएफटीआई) में छात्रों का आंदोलन जारी रहने के बीच संस्थान प्रशासन ने 6 विद्यार्थियों को निष्कासित कर दिया है. छात्रों पर कुलपति और कर्मचारियों के साथ कथित मारपीट, कार्यालय में तोड़फोड़, परिसर में अनुशासन का उल्लंघन और दीवारों पर अश्लील टिप्पणियां लिखने के आरोप लगाये गये हैं. छात्र संघ ने निष्कासन की कार्रवाई को अनुचित बताते हुए कानूनी कदम उठाने की चेतावनी दी है.
छायांकन, संपादन और फिल्म निर्माण विभागों के छात्रों पर कार्रवाई
संस्थान के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि छायांकन, संपादन और फिल्म निर्माण सहित विभिन्न विभागों के डीन और हेड ऑफ डिपार्टमेंट ने 6 छात्रों को निष्कासित करने का फैसला लिया. अधिकारी ने आरोप लगाया कि छात्रों के एक वर्ग ने अपने हित साधने के लिए स्थिति का राजनीतिकरण किया और कैंपस की दीवारों तथा जमीन पर अश्लील टिप्पणियां लिखीं.
कुलपति और शिक्षकों से मारपीट का छात्रों पर आरोप
संस्थान के अधिकारी के मुताबिक, छात्रों पर कुलपति और अन्य शिक्षकों के साथ मारपीट करने का भी आरोप है. उन्होंने कहा कि प्रशासन किसी का करियर बर्बाद नहीं करना चाहता, लेकिन परिस्थितियों के कारण डीन और विभाग प्रमुखों को कार्रवाई करनी पड़ी.
ये भी पढ़ें: एसआरएफटीआई में 17 दिन से पढ़ाई ठप, कुलपति के इस्तीफे पर अड़े छात्र
कक्षाएं शुरू करने पर फैसला टला
एसआरएफटीआई कैंपस में सुरक्षा के मुद्दे पर छात्रों का आंदोलन शुक्रवार को 18वें दिन भी जारी रहा. कक्षाएं दोबारा शुरू करने पर फैसला एक सप्ताह बाद लिया जायेगा, क्योंकि शनिवार से दुर्गा पूजा की छुट्टियां शुरू हो रहीं हैं.
छात्र संघ ने निष्कासन को अनुचित बताया
छात्र संघ के प्रवक्ता सुदीप चक्रवर्ती ने दावा किया कि 5 छात्रों को अनुचित तरीके से निष्कासन के ई-मेल भेजे गये हैं. उन्होंने कहा कि छात्र इस कार्रवाई के खिलाफ कानूनी कदम उठा रहे हैं. छात्र संघ ने कुलपति संतोष अजमेरा पर कैंपस में सीसीटीवी कैमरे लगाने के संबंध में पहले हुए समझौते का उल्लंघन करने का आरोप भी लगाया. संघ का दावा है कि कुलपति के इस्तीफे की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए पुलिस को बुलाया गया.
ये भी पढ़ें: जादवपुर विश्वविद्यालय के बाद अब एसआरएफटीआई में छात्रों और दक्षिणपंथी संगठन के सदस्यों के बीच झड़प
सीसीटीवी कैमरे पर फिर बढ़ा विवाद
- छात्र संघ ने कहा कि आंदोलन के 17वें दिन छात्रों को पता चला कि प्रशासनिक भवन की पहली मंजिल पर बिना पूर्व सूचना के सीसीटीवी कैमरे लगाये जा रहे हैं.
- वर्ष 2024 में 16 दिन तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद तय हुआ था कि कैमरे लगाने की जगह तय करने की प्रक्रिया में छात्र संघ को शामिल किया जायेगा.
- छात्र संघ ने यह भी दावा किया कि 30 सितंबर को हुई बैठक में कुलपति ने कैमरे लगाने से 3 दिन पहले सूचना देने का आश्वासन दिया था.
- छात्रों ने कैमरे लगाने के विरोध में प्रशासनिक भवन की पहली मंजिल पर कब्जा कर लिया. उन्होंने इसे शांतिपूर्ण विरोध बताया.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए