कोलकाता के टेंगरा टीएमसी कार्यालय में मिले 300 वोटर और आधार कार्ड, बीजेपी का आरोप- वोट लूटने की थी साजिश

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Kolkata Tangra Tmc Office Document Seizure West Bengal Election News

Kolkata Tangra TMC Office Document Seizure: कोलकाता के टेंगरा में टीएमसी कार्यालय से 300 से ज्यादा वोटर कार्ड और आधार कार्ड बरामद हुए हैं. बीजेपी का आरोप है कि वोटिंग रोकने के लिए ये कार्ड छिपाये गये थे. एक स्थानीय निवासी ने वहां से अपना खोया हुआ कार्ड बरामद किया है. देखें पूरी खबर.

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Kolkata Tangra TMC Office Document Seizure: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के टेंगरा इलाके में गुरुवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के एक स्थानीय कार्यालय से भारी मात्रा में महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज बरामद किये गये. पुलिस और स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, वार्ड नंबर 57 के टेंगरा सेकेंड लेन स्थित पार्टी दफ्तर की एक आलमारी से लगभग 300 पहचान पत्र मिले हैं. इनमें मतदाता पहचान पत्र (Voter ID), आधार कार्ड और राशन कार्ड शामिल हैं. इस बरामदगी के बाद इलाके में तनाव फैल गया है. बीजेपी ने टीएमसी पर मतदाताओं को उनके संवैधानिक अधिकार से वंचित करने का गंभीर आरोप लगाया है.

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अलमारी खुली तो खुला राज

गुरुवार दोपहर जब टेंगरा स्थित टीएमसी कार्यालय की तलाशी ली गयी, तो वहां रखी एक आलमारी दस्तावेजों से भरी मिली. लगभग 300 कार्ड्स में स्थानीय लोगों के ओरिजिनल वोटर कार्ड और आधार कार्ड शामिल हैं. बीजेपी कार्यकर्ताओं का दावा है कि ये कार्ड जान-बूझकर टीएमसी कार्यालय में छिपाकर रखे गये थे, ताकि चुनाव के दौरान संबंधित लोग अपना वोट न डाल सकें.

बीजेपी ने लगाया साजिश का आरोप

बीजेपी सदस्यों ने कहा कि यह धांधली का एक नया तरीका है, जहां लोगों के पहचान पत्र ही जब्त कर लिये जाते हैं, ताकि विपक्षी समर्थकों को मतदान केंद्रों से दूर रखा जा सके.

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स्थानीय निवासी बोला- यहीं से मिला मेरा खोया आधार कार्ड

इस पूरी घटना में सबसे चौंकाने वाला मोड़ तब आया, जब एक स्थानीय निवासी ने खुद अपना पहचान पत्र वहां से बरामद किया. स्थानीय निवासी सौमेन विक्की दास ने पत्रकारों को बताया कि चुनाव से ठीक पहले उनका आधार कार्ड संदिग्ध परिस्थितियों में गायब हो गया था. जब उन्हें पार्टी कार्यालय में दस्तावेजों की बरामदगी की सूचना मिली, तो वे वहां पहुंचे और जब्त किये गये कार्ड्स के ढेर में उन्हें अपना कार्ड मिल गया. सौमेन के इस खुलासे ने टीएमसी की मुश्किलें बढ़ा दी हैं, क्योंकि यह सीधे तौर पर नागरिकों के दस्तावेजों के अवैध कब्जे का मामला बनता दिख रहा है.

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खामोश है टीएमसी, पुलिस की जांच शुरू

इतने गंभीर आरोपों और भारी बरामदगी के बावजूद तृणमूल कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने फिलहाल इस मामले में चुप्पी साध रखी है. पार्टी की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आयी है.

Kolkata Tangra TMC Office Document Seizure: पुलिस ने दस्तावेजों को किया जब्त

कोलकाता पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि दस्तावेजों को जब्त कर लिया गया है. हालांकि, अभी तक इस मामले में कोई औपचारिक लिखित शिकायत दर्ज नहीं हुई है, लेकिन पुलिस ने अपने स्तर पर प्राथमिक जांच शुरू कर दी है. घटना के बाद टेंगरा इलाके में किसी भी अप्रिय स्थिति को टालने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती कर दी गयी है.

क्या चुनाव परिणामों पर पड़ा इसका असर?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि 300 कार्ड एक ही वार्ड के एक छोटे इलाके से मिले हैं, तो यह बड़े पैमाने पर वोटर सप्रेशन (मतदाताओं को रोकना) का हिस्सा हो सकता है. विपक्षी दल अब चुनाव आयोग से उन सभी क्षेत्रों की जांच की मांग कर रहे हैं, जहां टीएमसी के मजबूत गढ़ हैं. सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या ऐसे और भी कार्यालय हैं, जहां लोगों के पहचान पत्र ‘कैद’ करके रखे गये हैं.

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