लॉ कॉलेजों के पंजीकरण पर हाइकोर्ट ने मांगी रिपोर्ट

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याचिकाकर्ता अर्क विश्वास सहित कई लॉ छात्रों का दावा है कि रवींद्र शिक्षा सम्मिलनी लॉ कॉलेज के बार काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ पंजीकरण की वैधता 2014 में समाप्त हो गयी थी.

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कोलकाता. राज्य के लॉ कॉलेजों पर ही कानून का पालन नहीं करने का आरोप है. लॉ कॉलेजों का पंजीकरण नियमानुसार नवीनीकृत नहीं किया गया है. इस स्थिति में लॉ कॉलेज के छात्रों के भविष्य को लेकर अनिश्चितता पैदा हो गयी है. कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जय सेनगुप्ता ने शुक्रवार को इस आरोप पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए राज्य के लॉ कॉलेजों के संबंध में बार काउंसिल से हलफनामा तलब किया है. इस मामले की अगली सुनवाई 26 फरवरी को निर्धारित की गयी है. याचिकाकर्ता अर्क विश्वास सहित कई लॉ छात्रों का दावा है कि रवींद्र शिक्षा सम्मिलनी लॉ कॉलेज के बार काउंसिल ऑफ इंडिया के साथ पंजीकरण की वैधता 2014 में समाप्त हो गयी थी. इसके बाद कॉलेज ने दोबारा पंजीकरण नहीं कराया. फिर भी लॉ कॉलेज अभी भी चल रहा है. इस बीच, दोबारा रजिस्ट्रेशन न होने के कारण छात्र फिलहाल परीक्षा देने में असमर्थ हैं. इस पर न्यायाधीश ने कहा कि साल दर साल निरीक्षण और निगरानी के बिना कॉलेज कैसे चल रहे हैं? बार काउंसिल कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है?

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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