जूनियर डॉक्टरों पर दबाव बढ़ाने के लिए विभाग की नयी रणनीति, स्वास्थ्य भवन ने मांगी रिपोर्ट

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गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर काम पर लौटे हैं

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कोलकाता. जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल पर स्वास्थ्य विभाग नजर रखा रहा है. गुरुवार को स्वास्थ्य विभाग ने विभिन्न मेडिकल कॉलेज के जूनियर डॉक्टर काम पर लौटे हैं. ऐसे जूनियर डॉक्टरों की सूची मांगी गयी है. स्वास्थ्य विभाग की ओर से राज्य के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल से रिपोर्ट मांगी गयी है. बता दें कि आरजी कर मेडिकल कॉलेज की घटना के बाद से विभिन्न मेडिकल कॉलेजों के जूनियर डॉक्टर हड़ताल पर हैं. सुप्रीम कोर्ट ने भी हड़ताल खत्म कर काम पर लौटने की अपील की है. पर सुप्रीम कोर्ट के आदेश के 72 घंटे बाद भी जूनियर डॉक्टर काम पर नहीं लौटे हैं. इस वजह से राज्य स्वास्थ्य विभाग की ओर से उक्त रिपोर्ट मांगी गयी है. आदेश की कॉपी समस्त मेडिकल कॉलेजों को भेज दी गयी है. स्वास्थ्य भवन ने अपने आदेश में सुप्रीम कोर्ट के नौ सितंबर के आदेश का हवाला देते हुए कहा कि आंकड़े दोपहर तक भेज दिये जायें. यानी इस बार राज्य सरकार यह जानना चाहती है कि कौन से जूनियर डॉक्टर काम पर आ रहे हैं और कौन नहीं. हालांकि, स्वास्थ्य विभाग का दावा है कि यह महज एक औपचारिक प्रक्रिया है. इसका चल रहे आंदोलन से कोई लेना-देना नहीं है. उधर, आंदोलनकारी डॉक्टरों ने भी इस कोई टिप्पणी नहीं की है.

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डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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