कोलकाता : महानगर व हावड़ा के ओवरब्रिज बने अवैध पॉर्किंग के अड्डे

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कोलकाता : माझेरहाट ओवरब्रिज गिरने का बाद महानगर समेत हावड़ा व अन्य आसपास के जिलों में ओवरब्रिजों पर होनेवाले अवैध पॉर्किंग के खिलाफ अभियान चलाया गया था. इस दौरान कई अवैध पॉर्किंग हटाये गये और इनके नाम पर वसूली करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई की गयी. हावड़ा नगर निगम द्वारा आदेश जारी कर बंकिम सेतु समेत […]

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कोलकाता : माझेरहाट ओवरब्रिज गिरने का बाद महानगर समेत हावड़ा व अन्य आसपास के जिलों में ओवरब्रिजों पर होनेवाले अवैध पॉर्किंग के खिलाफ अभियान चलाया गया था. इस दौरान कई अवैध पॉर्किंग हटाये गये और इनके नाम पर वसूली करनेवालों के खिलाफ कार्रवाई की गयी.

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हावड़ा नगर निगम द्वारा आदेश जारी कर बंकिम सेतु समेत अन्य ओवरब्रिजों पर पॉर्किंग पर रोक लगा दी गयी थी, लेकिन ‘रात गयी बात गयी’ की तरह ही फिर हावड़ा के सबसे महत्वपूर्ण ओवरब्रिज बंकिम सेतु अवैध पॉर्किंग का अड्डा बन गया है.
कई हादसों का दौर देख चुका यह ब्रिज जहां उत्तर और दक्षिण हावड़ा को जोड़ने का अहत्वपूर्ण जरिया है, वहीं इसके नीचे से पूर्व व दक्षिण पूर्व रेलवे की दर्जनों रेल लाइन गुजरने से यह महत्वपूर्ण हो जाता है. महानगर ने एक वर्ष पहले माझेरहाट रेल ब्रिज को गिरते देख चुका है.
इस हादसे में कुछ जानें भी गयीं, लेकिन कोई सबक नहीं ली गयी. यह ब्रिज भी काफी पुराना है, लिहाजा माझेरहाट ब्रिज दुर्घटना के बाद इस ब्रिज पर अवैध पॉर्किंग पर रोक लगाया गया था, लेकिन एक बार फिर यह ब्रिज बसों, टैक्सियों और मालवाही वाहनों का अड्डा बन गया है.
रात होते ही हावड़ा मैदान बंगोवासी चौराहे से बसों व टैक्सियों का जमावड़ा शुरू हो जाता है. ब्रिज के दोनों तरफ बसों व टैक्सियों की लंबी कतार लग जाती है. एक के पीछे-एक लगभग 100 से ज्यादा वाहन खड़े हो जाने से बीच का रास्ता संकरा हो जाता है.
ऐसे में अन्य वाहनों के परिचालन में समस्या होती है, कई बार यह दुर्घटना का कारण भी बन जाता है. सभी वाहन सुबह पांच बजे तक खड़े रहते हैं. अवैध पॉर्किंग की सबसे भयानक स्थिति मंगलवार को मंगलाहाट बाजार के दिन होती है, जब सैकड़ों की संख्या में अवैध वाहन बंकिम सेतु के साथ नित्यानंद मुखर्जी मार्ग पर खड़े कर दिये जाते हैं. ऐसा होने से पूरी सड़क पैक हो जाती है.
वाहनों की पॉर्किंग ओवरब्रिजों के स्वास्थ्य के अनुकूल नहीं : पूर्व रेलवे सेफ्टी कमिश्नर इस्टर्न सर्किल कोलकाता के सेवानिवृत्त रेलवे सेफ्टी कमिश्नर प्रमोद आचार्या ने बताया कि पुराने हो चुके ओवरब्रिजों से भारी वाहनों का गुजरना ब्रिज के लिए ठीक नहीं है.
लेकिन ओवरब्रिज के लिए भारी वाहनों से ज्यादा नुकसान दायक वाहनों से रिसने वाला केमिकल पदार्थ, पेट्रोल व डीजल होता है. यह केमिकल पदार्थ ब्रिज के कंक्रीट के लिए हानिकारक होता है. यह ब्रिज की सड़कों में स्थित दरारों में प्रवेश कर उसे खोखला बना देता है.
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