दुर्गापुर केमिकल्स की बंदी का चौतरफा विरोध

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कांग्रेस, माकपा ने बताया इसे जनविरोधी, श्रमिक विरोधी निर्णय विभिन्न संगठनों ने निकाला विरोध जुलूस, सरकार पर किये हमले दुर्गापुर. राज्य सरकार ने 18 नंबर वार्ड स्थित अंगदपुर स्थित दुर्गापुर केमिकल्स लिमिटेड कारखाना को री-हैबिटेशन करने का फरमान जारी किया है. जिसके कारण दुर्गापुर के निवासियो सहित राजनैतिक पार्टियो में खलबली मच गई है. ऐसा […]

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कांग्रेस, माकपा ने बताया इसे जनविरोधी, श्रमिक विरोधी निर्णय
विभिन्न संगठनों ने निकाला विरोध जुलूस, सरकार पर किये हमले
दुर्गापुर. राज्य सरकार ने 18 नंबर वार्ड स्थित अंगदपुर स्थित दुर्गापुर केमिकल्स लिमिटेड कारखाना को री-हैबिटेशन करने का फरमान जारी किया है. जिसके कारण दुर्गापुर के निवासियो सहित राजनैतिक पार्टियो में खलबली मच गई है. ऐसा निर्देश कारखाना के घाटे में चलने के कारण दिया गया है.
इस फैसले को गलत बताते हुए कारखाना के सैकड़ों श्रमिको ने कारखाना के गेट के समक्ष विरोध प्रदर्शन किया. 38 नंबर वार्ड के पार्षद अरविंद नंदी ने आरोप लगाया है कि कुछ एजेंटों ने कारखाना प्रबंधन के साथ मिलकर सरकार को गलत रिपोर्ट भेजकर सरकार को गुमराह करने की कोशिश की है. उनकी मांग है कि सरकार का प्रतिनिधि आकर उचित तरीके से कारखाना का निरीक्षण करे. क्योकि जिस कारखाना में उत्पादित वस्तुओं की बाजार में भारी मांग हा,े वह कारखाना घाटे में जा ही नहीं सकता है. एक रिपोर्ट तैयार करके सरकार को भेजेंगे, ताकि कारखाना को बचाया जा सके.
वही राज्य सरकार के इस फैसले के विरोध में सीपीएम एवं कांग्रेस ने शुक्र वार को रैली निकाली. जिसमेम विधायक संतोष देवराय, पंकज राय सरकार, बंशी कर्मकार सहित सैकड़ों माकपा एवं कांग्रेस समर्थक उपस्थित थे.
नेतृत्व कर रहे विधायक श्री देवराय ने राज्य सरकार के इस फैसले पर दु:ख व्यक्त करते हुए ब ने बताया कि राज्य सरकार के द्वारा केमिकल्स कारखाना को री-हैबिटेशन करने के फरमान पूरी तरह से गलत है. तृणमूल सरकार के सत्ता में आने के पश्चात ही शिल्पांचल में कई कारखाने बंद हो चुके है ऐसे में केमिकल्स कारखाना पर यह राज्य सरकार का फैसला दुर्गापुर के लिए बेहद दु:खद है. कारखाना में क्लोरीन, फिनाइल इत्यादि रोजाना जरु रतमंद की चीजे बनती है.
कारखाना बंद हो जायेगा तो इन सामानों का मूल्य बेहद बढ़ जायेगा. कारखाना में 254 स्थायी कर्मी तथा तीन सौ ठीका कर्मी है. सरकार स्थायी कर्मियो के लिए कुछ व्यवस्था करेगी लेकिन ठेका श्रमिको का क्या होगा? ठेका श्रमिको की स्थिति बेहद खराब हो जायेगी. इन सभी कारणों से इस कारखाना का निजीकरण नहीं होने देंगे. सरकार के इस फैसले का विरोध करते है.
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