UP Onion Price: प्याज फिर रुलाएगा या सरकार की ‘कांदा एक्सप्रेस’ देगी राहत, जानें दाम बढ़ने की वजह और पूरा हिसाब

Updated:
विज्ञापन

सांकेतिक तस्वीर (AI)

UP News: प्याज की कीमतों में लगातार वृद्धि उपभोक्ताओं के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, जहाँ राष्ट्रीय औसत ₹42 प्रति किलो पहुँच गया है. नई फसल की आवक में देरी और आपूर्ति की कमी प्रमुख कारण बताए जा रहे हैं.

विज्ञापन

UP News: रसोई में प्याज की कीमत एक बार फिर चिंता बढ़ाने लगी है. देशभर में प्याज के दाम में तेज उछाल के बीच उत्तर प्रदेश के उपभोक्ताओं की नजर कीमतों पर है. राष्ट्रीय औसत खुदरा कीमत करीब ₹42 प्रति किलो पहुंच गई है. यह एक महीने पहले के मुकाबले करीब 19 फीसदी और पिछले साल की तुलना में करीब 45 फीसदी अधिक है.

विज्ञापन

प्याज की कीमत बढ़ने के पीछे क्या है वजह?

मौजूदा तेजी के पीछे सबसे बड़ा सवाल आपूर्ति का है. नई खरीफ प्याज की आवक अभी पूरी तरह बाजार में मजबूत नहीं हुई है, जबकि पुराने स्टॉक पर दबाव बढ़ रहा है. महाराष्ट्र जैसे प्रमुख उत्पादक राज्य से आने वाली आपूर्ति में कमी की आशंका ने भी बाजार की चिंता बढ़ाई है. मौसम और बारिश भी प्याज की सप्लाई चेन के लिए अहम कारक हैं. मंडियों में आवक प्रभावित होने पर थोक कीमत बढ़ती है और उसका असर धीरे-धीरे खुदरा बाजार तक पहुंचता है.

दिल्ली में ₹65 किलो तक पहुंचा भाव

प्याज की कीमतों में तेजी का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि दिल्ली में भाव करीब ₹65 प्रति किलो और चेन्नई में करीब ₹58 प्रति किलो तक पहुंचने की रिपोर्ट सामने आई है. राष्ट्रीय औसत करीब ₹42 प्रति किलो है. यूपी में स्थानीय मंडियों की आवक, महाराष्ट्र से आपूर्ति, परिवहन लागत और स्थानीय मांग के आधार पर खुदरा कीमत अलग-अलग हो सकती है. इसलिए पूरे प्रदेश में एक ही भाव मानना सही नहीं होगा.

सरकार ने चलाया ‘कांदा एक्सप्रेस’

बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार ने 24 अगस्त से ‘कांदा एक्सप्रेस’ शुरू की है. इसके जरिये महाराष्ट्र के नासिक से बफर स्टॉक का प्याज अधिक कीमत वाले बाजारों तक पहुंचाया जाएगा. साथ ही बफर स्टॉक को बाजार में उतारने की प्रक्रिया भी शुरू की गई है. सरकार की कोशिश है कि जहां प्याज महंगा है, वहां अतिरिक्त आपूर्ति पहुंचाकर कीमतों पर दबाव कम किया जाए. क्या यूपी में प्याज के दाम और बढ़ेंगे? फिलहाल यह कहना सही नहीं होगा कि यूपी में प्याज की कीमत निश्चित रूप से और बढ़ेगी. सरकार ने बफर स्टॉक बाजार में उतारना शुरू कर दिया है. अगर अतिरिक्त प्याज समय पर मंडियों तक पहुंचता है और नई फसल की आवक बढ़ती है, तो कीमतों में राहत आ सकती है. दूसरी तरफ अगर खरीफ प्याज की आवक में देरी होती है या प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों से सप्लाई प्रभावित रहती है, तो कीमतों पर दबाव बना रह सकता है.

किसानों के लिए भी बढ़ी खरीद कीमत

सरकार ने जुलाई में मूल्य स्थिरीकरण बफर के लिए प्याज की खरीद कीमत ₹1,875 से बढ़ाकर ₹2,125 प्रति क्विंटल कर दी थी. इसका उद्देश्य किसानों को बेहतर रिटर्न देना और बफर स्टॉक को मजबूत करना है. कृषि मंत्रालय के दूसरे अग्रिम अनुमान के मुताबिक 2025-26 में देश में प्याज उत्पादन 307.37 लाख मीट्रिक टन रहने का अनुमान है, जो 2024-25 के 307.67 लाख मीट्रिक टन के लगभग बराबर है. यानी कुल उत्पादन के स्तर पर तत्काल बड़ी कमी का अनुमान नहीं है.

यह भी पढ़ें: आज यूपी में कहां होगी भारी बारिश? पूर्वांचल के लिए IMD का अलर्ट, कई जिलों में कक्षा 8वीं तक स्कूल बंद


विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola