काशी-पुरी के लिए बनेगा संयुक्त टूर पैकेज, अब पर्यटकों के साथ कारोबार को मिलेगा बड़ा बाजार, जानें पूरा प्लान
काशी-पुरी कनेक्टिविटी से धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई रफ्तार
UP News: उत्तर प्रदेश और ओडिशा के प्रमुख धार्मिक स्थलों काशी और पुरी को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ा जाएगा. इस योजना से दोनों राज्यों में पर्यटकों की संख्या 25-30% तक बढ़ने की उम्मीद है, जिससे स्थानीय कारोबार को भी बढ़ावा मिलेगा.
UP Religious Tourism: उत्तर प्रदेश और ओडिशा के प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों को बेहतर कनेक्टिविटी से जोड़ने की तैयारी है. काशी और पुरी के बीच सुगम संपर्क विकसित करने के लिए दोनों राज्यों के पर्यटन एवं संस्कृति विभागों ने साझा रणनीति तैयार की है. अधिकारियों का अनुमान है कि इससे दोनों क्षेत्रों में पर्यटकों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है. इसका असर होटल, परिवहन, गाइड, स्थानीय खानपान और हस्तशिल्प कारोबार पर भी पड़ने की उम्मीद है.
काशी-पुरी को जोड़ने की बनी रणनीति
भगवान शिव की नगरी काशी और महाप्रभु जगन्नाथ की नगरी पुरी को एक प्रमुख स्पिरिचुअल टूरिज्म सर्किट के रूप में विकसित करने की योजना पर काम किया जा रहा है. तीन दिवसीय सम्मेलन में शामिल हुईं ओडिशा की उपमुख्यमंत्री प्रवती परिदा ने बताया कि फिलहाल काशी से पुरी के बीच एक उड़ान और कई ट्रेनें उपलब्ध हैं. पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर केंद्र सरकार और रेलवे से संपर्क कर ट्रेनों की संख्या बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा.
दोनों राज्यों में बढ़ेंगे पर्यटक
उत्तर प्रदेश और ओडिशा पर्यटन विभाग के आंकड़ों के अनुसार, काशी विश्वनाथ धाम कॉरिडोर बनने के बाद वाराणसी में सालाना 14 करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक पहुंच रहे हैं. वहीं, ओडिशा में पुरी के जगन्नाथ मंदिर, भुवनेश्वर के लिंगराज मंदिर और कोणार्क जैसे प्रमुख स्थलों पर हर साल दो करोड़ से अधिक श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचते हैं. अधिकारियों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से पर्यटकों की आवाजाही और बढ़ सकती है.
काशी-पुरी का संयुक्त टूर पैकेज तैयार होगा
पर्यटन विभाग के अनुसार, टूर ऑपरेटरों के लिए काशी-पुरी का संयुक्त टूर पैकेज तैयार करने की योजना है. इससे उत्तर भारत के पर्यटकों को ओडिशा के धार्मिक और सांस्कृतिक स्थलों तक पहुंचने में सुविधा होगी, जबकि दक्षिण और पूर्वी भारत से पुरी आने वाले श्रद्धालुओं को काशी से जोड़ा जा सकेगा. पुरी के साथ कोणार्क सूर्य मंदिर, रत्नागिरी, उदयगिरि, ललितगिरि, चिल्का, भीतर्कनिका और सिमिलिपाल जैसे पर्यटन स्थलों को भी पैकेज में शामिल करने की तैयारी है.
होटल से हस्तशिल्प तक कारोबार को फायदा
ओडिशा पर्यटन निदेशक दीपांकर महापात्रा के अनुसार, दोनों राज्यों में पर्यटकों की संख्या में 25 से 30 प्रतिशत तक वार्षिक वृद्धि हो सकती है. बढ़ती पर्यटक आवाजाही से वाराणसी और भुवनेश्वर-पुरी क्षेत्र के हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को फायदा मिलने की उम्मीद है. होटल, होमस्टे, परिवहन और गाइड सेवाओं के साथ स्थानीय खानपान और हस्तशिल्प कारोबार को भी बढ़ावा मिल सकता है. बनारसी साड़ी और ओडिशा की पट्टचित्र कला समेत अन्य स्थानीय उत्पादों के लिए नया बाजार तैयार होने की संभावना है.
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