राम मंदिर चढ़ावा चोरी: चंपत राय की डायरी में SIT जांच का खुलासा, गोपाल राव का भी जिक्र
चंपत राय की डायरी में SIT जांच का खुलासा
Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच में श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की डायरी से कई अहम खुलासे हुए हैं। डायरी के अनुसार, एसआईटी ने गोपाल राव सहित कई लोगों से पूछताछ की और मूल्यवान वस्तुओं का सत्यापन भी किया।
Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच से जुड़ी श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय की डायरी में कई महत्वपूर्ण बातें दर्ज होने का दावा किया गया है. डायरी के अनुसार, एसआईटी ने गोपाल राव से भी अलग से पूछताछ की थी. शुरुआत में उन्होंने कथित तौर पर कुछ आनाकानी की, लेकिन एसआईटी की सख्ती के बाद उन्होंने जांच टीम को कुछ जानकारी दी. हालांकि, गोपाल राव ने पूछताछ में आखिर क्या बताया, इसकी जानकारी चंपत राय को नहीं थी.
‘क्या बताया, भगवान जाने’ लिखा
चंपत राय की डायरी में गोपाल राव से पूछताछ के संबंध में एक अहम टिप्पणी भी दर्ज होने की बात सामने आई है. इसमें कहा गया है कि कठोरता से पूछताछ के बाद गोपाल राव ने एसआईटी को कुछ बताया, लेकिन उन्होंने क्या जानकारी दी, यह स्पष्ट नहीं था. इसी संदर्भ में डायरी में लिखा गया कि आखिर उन्होंने क्या बताया, भगवान जाने. हालांकि, चंपत राय ने इस सूचना की सत्यता पर भी सवाल उठाया और संभावना जताई कि उन्हें मिली जानकारी गलत भी हो सकती है.
कई लोगों से पूछताछ का दावा
डायरी के मुताबिक, 16 जून से 16 जुलाई के बीच एसआईटी तीन बार अयोध्या पहुंची थी. इससे पहले 15 जून को चंपत राय से अकेले करीब चार से पांच घंटे तक बातचीत हुई थी. इसके बाद एसआईटी ने चंपत राय और डॉ. अनिल मिश्र से सामूहिक रूप से भी वार्ता की. जांच के दौरान डॉ. अनिल मिश्र और गोपाल राव से अलग-अलग बातचीत किए जाने का भी उल्लेख है. चंपत राय के अनुमान के अनुसार, एसआईटी ने करीब 50 से 60 लोगों से पूछताछ की.
दस्तावेज और रिकॉर्ड भी जांचे गए
जांच के दौरान एसआईटी ने ट्रस्ट से कई दस्तावेज और कागजात मांगे, जिन्हें उपलब्ध कराने की बात डायरी में दर्ज है. चंपत राय ने छह जुलाई को एसआईटी को पत्र भेजकर बातचीत के दौरान कही गई महत्वपूर्ण बातों को लिखित रूप में भी उपलब्ध कराया था. उनका उद्देश्य था कि मौखिक चर्चा में कोई जरूरी जानकारी छूट न जाए. हालांकि, उसी रात एसआईटी की कथित ‘परम गोपनीय’ प्रारंभिक रिपोर्ट सार्वजनिक होने का दावा किया गया, जिसमें पत्र की बातें पहले से दर्ज थीं.
ट्रस्टियों से संपर्क को लेकर भी उल्लेख
डायरी में यह भी लिखा है कि सीए अक्षय शुक्ला के माध्यम से चंपत राय को बताया गया था कि कुछ ट्रस्टी एसआईटी के फोन नहीं उठा रहे हैं. इसके बाद उन्होंने अक्षय शुक्ला को सभी ट्रस्टियों के संपर्क नंबर उपलब्ध कराए, जिन्हें एसआईटी सदस्यों विश्वास पंत और किरण एस. तक पहुंचाया गया. एक मौके पर विश्वास पंत ने गोविंद देव गिरि का मोबाइल नंबर भी मांगा था. चंपत राय ने स्वामी जी को संदेश भेजकर एसआईटी की बातचीत की इच्छा बताई, जिसके बाद वार्ता होने की जानकारी मिली.
90 मूल्यवान वस्तुओं का सत्यापन
एसआईटी जांच के दौरान ट्रस्ट के रिकॉर्ड में दर्ज मूल्यवान वस्तुओं का तीन चरणों में सत्यापन किए जाने का भी उल्लेख डायरी में है. पहले चरण में 15, दूसरे में 25 और तीसरे चरण में 50 मूल्यवान वस्तुओं को रिकॉर्ड से मिलाया गया. कुल 90 वस्तुओं के सत्यापन में सभी रिकॉर्ड के अनुसार सही पाए जाने का दावा किया गया है. डायरी के मुताबिक, इन वस्तुओं का रिकॉर्ड सीए नरपत सिंह के पास था और सत्यापन के दौरान वह भी मौजूद रहे.
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