मध्य प्रदेश : कैलाश विजयवर्गीय को रावण के रूप में दिखाने का विवादास्पद वीडियो वायरल, प्राथमिकी दर्ज

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मामले को लेकर अधिकारी ने बताया कि इस वीडियो को लेकर उस मोबाइल नम्बर के धारक के खिलाफ गुरुवार रात प्राथमिकी दर्ज की गई जिसके इस्तेमाल से यह विवादास्पद वीडियो व्हाट्सऐप समूह में डाला गया था.

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मध्य प्रदेश में होने जा रहे विधानसभा चुनावों में इंदौर-1 से भाजपा उम्मीदवार कैलाश विजयवर्गीय को लंकापति रावण और उनके मुख्य प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस प्रत्याशी संजय शुक्ला को भगवान राम के रूप में दिखाने वाले एक कथित वीडियो को सोशल मीडिया पर प्रसारित करने को लेकर एक व्यक्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है. पुलिस की अपराध निरोधक शाखा के एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. पुलिस अधिकारी ने बताया कि बीजेपी के विधि प्रकोष्ठ के कार्यकर्ता आशीष द्विवेदी और हर्षल सिंह रघुवंशी ने शिकायत दर्ज कराई कि एक व्यक्ति ने सोशल मीडिया मंच व्हाट्सऐप पर ‘सियासी दांव-पेंच’ नाम के समूह में 24 अक्टूबर को दशहरे पर एक वीडियो साझा किया. उन्होंने बताया कि एक टेलीविजन धारावाहिक के राम-रावण युद्ध के दृश्य से जुड़े इस वीडियो में कथित तौर पर काट-छांट करके रावण और राम के चेहरों पर क्रमश: विजयवर्गीय और शुक्ला की तस्वीरें लगा दी गई थीं.

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मामले को लेकर अधिकारी ने बताया कि इस वीडियो को लेकर उस मोबाइल नम्बर के धारक के खिलाफ गुरुवार रात प्राथमिकी दर्ज की गई जिसके इस्तेमाल से यह विवादास्पद वीडियो व्हाट्सऐप समूह में डाला गया था. उन्होंने बताया कि यह प्राथमिकी, भारतीय दंड विधान की धारा 295-ए (किसी वर्ग की धार्मिक भावनाओं को आहत करने के इरादे से जानबूझकर किए गए विद्वेषपूर्ण कार्य), धारा 298 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के इरादे से जान-बूझकर कहे गए शब्द), धारा 500 (मानहानि) और अन्य संबद्ध प्रावधानों के तहत दर्ज की गई है. अधिकारी ने बताया कि तकनीकी जांच के जरिये आरोपी की पहचान की जा रही है.

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प्राथमिकी में आरोप लगाया गया है कि सोशल मीडिया पर विवादास्पद वीडियो प्रसारित किए जाने से हिन्दुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची और विजयवर्गीय की छवि भी खराब हुई. पुलिस के मुताबिक, व्हाट्सऐप के एक अन्य समूह में यही विवादास्पद वीडियो साझा करने के खिलाफ भाजपा के विधि प्रकोष्ठ की ओर से एरोड्रम थाने में भी शिकायत की गई थी. इस शिकायत पर थाने में राकेश नाम के व्यक्ति के खिलाफ असंज्ञेय अपराध की सूचना रिपोर्ट (एनसीआर) दर्ज की गई थी.

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