झारखंड : सिमडेगा में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, बेलकोना नदी में बना लकड़ी का पुल बहा

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सिमडेगा में भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया. वहीं, पानी के तेज बहाव के कारण बानो प्रखंड की सोय पंचायत के बेलकोना जानेवाली नदी पर बना लकड़ी का पुल बह गया. इसके कारण एल्ला से मैच खेल कर लौट रहे 12 खिलाड़ी व ग्रामीण फंस गये. महाबुआंग रेलवे स्टेशन पर रात गुजारने पर मजबूर हुए.

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Jharkhand news: सिमडेगा जिला अंतर्गत बानो प्रखंड में बुधवार की रात से हो रही बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बानो प्रखंड की सोय पंचायत के बेलकोना जानेवाली नदी पर बना लकड़ी का पुल पानी के तेज बहाव में बह गया, जिससे एल्ला खेल मैदान से लौट रहे खिलाड़ी व ग्रामीण रास्ते में फंस गये. खिलाड़ियों व ग्रामीणों को रातभर महाबुआंग स्टेशन में रात बितानी पड़ी.

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बेलकोना नदी में लकड़ी का पुल बहा

मालूम हो कि सोय पंचायत के बेलकोना गांव जाने के लिए बेलकोना नदी में लकड़ी का पुल बनाया गया है. पानी का बहाव कम होने पर सभी अपने घर रवाना हुए. इधर, ग्रामीणों ने बताया गया के कई बार बेलकोना नदी में पुल निर्माण की मांग की गयी है, लेकिन अब तक कोई पहल नहीं की गयी है. बरसात में इस पंचायत के लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है. अक्सर बहाव तेज हो जाने के कारण नदी में लकड़ी का बनाया हुआ पुल बह जाता है. ग्रामीणों ने बताया कि बरसात से पूर्व हमेशा लकड़ी का पुल बनाते हैं तथा बरसात के समय लकड़ी का पुल बह जाता है, जिससे आवागमन करने में असुविधा होती है. यहां के बच्चों को स्कूल आने-जाने में परेशानी होती है. बरसात में बच्चे विद्यालय नहीं जा पाते हैं. ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधि प्रखंड प्रशासन समेत विधायक से पुलिया निर्माण कराने की मांग की है.

बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, नदियों का जल स्तर बढ़ा

बानो व लचरागढ़ में लगातार दो दिन से हो रही बारिश से प्रखंड की कई नदियां उफान पर हैं. वहीं बारिश होने से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है. बारिश से लोगों को घरों से निकलना मुश्किल हो गया है. बानो प्रखंड की कोयल नदी, देव नदी, सोय नदी, उन्नीकेल नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है. लगातार बारिश होने से खेत-खलिहान तालाब बन गये हैं व गली-मोहल्ले में जलजमाव हो गया है. बारिश का पानी घरों में घुस गया है, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. लचरागढ़ की देवनदी व चुटिया नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है. करादमाईर टोंगरीटोली में पुल नहीं होने से लोगों का आवागमन ठप हो गया है. भारी बारिश से नदियां उफान पर होने के कारण लोगों का संपर्क प्रखंड मुख्यालय व पंचायत मुख्यालय से कट गया है.

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पुलिया नहीं होने से ग्रामीण परेशान

तरगा पंचायत के पतरापाली राजस्व गांव में पुलिया नहीं होने से ग्रामीणों को परेशानी हो रही है. अगर कोई भी व्यक्ति बरसात में बीमार पड़ जाये और उस व्यक्ति को अस्पताल ले जाने के लिए एंबुलेंस या निजी वाहन की जरूरत पड़े, तो वाहन पुलिया नहीं होने से गांव के अंदर नहीं आ पाता है, जिससे समय पर उपचार नहीं होने से बीमार व्यक्ति की मौत हो जाती है. वर्तमान में दो दिनों से हो रही बारिश से विकट स्थिति उत्पन्न हो गयी है. नदी में पुलिया नहीं होने से लोग खासे परेशान हैं. समस्या के निराकरण के लिए बीडीओ व पंचायत के मुखिया व पंचायत सचिव से मांग की गयी, किंतु किसा ने अबतक ध्यान नहीं दिया है. ग्रामीण सुभाष नायक का कहना है यह गांव प्रखंड मुख्यालय से महज सात किमी दूर है और पंचायत से दो किमी दूर अवस्थित है, फिर इस गांव की ओर ध्यान नहीं दिया गया.

लगातार बारिश से घर गिरा, परेशानी

वहीं, ठेठईटांगर में लगातार हो रही बारिश से बेलाटोली निवासी जगदीश लोहरा का मिट्टी के घर की दीवार व छत गिर गया. प्रमुख विपिन पंकज मिंज, मुखिया संगीता मिंज प्रभावित परिवार से मुलाकात कर 20 किलो चावल उपलब्ध कराया. साथ ही प्रशासन से हरसंभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया है.

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