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Jharkhand Weather: चक्रवात में तब्दील हुआ ‘रेमल’, भारी वर्षा की चेतावनी, झारखंड में क्या होगा असर

Updated at : 26 May 2024 5:20 PM (IST)
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Jharkhand Weather Forecast : Remal Cyclone

Jharkhand Weather Forecast : ‘रेमल’ चक्रवात का झारखंड पर क्या होगा असर.

Jharkhand Weather: बंगाल की खाड़ी में बने ‘रेमल’ चक्रवात का असर झारखंड के कई जिलों में दिखेगा. इसकी वजह से तेज हवाएं चलेंगी. कहां-कहां होगा असर, यहां पढ़ें.

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Jharkhand Weather: बंगाल की खाड़ी में बना गहरा दबाव ‘रेमल’ चक्रवात में तब्दील हो चुका है. इसका असर पश्चिम बंगाल और उसके पड़ोसी राज्यों पर भी पड़ेगा. झारखंड में भी ‘रेमल’ का असर देखने को मिलेगा. हालांकि, मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि पूरे झारखंड में इसका असर नहीं रहेगा.

Jharkhand Weather: इन इलाकों में नहीं दिखेगा ‘रेमल’ का असर

‘रेमल’ का असर झारखंड के उन इलाकों में दिखेगा, जो पश्चिम बंगाल से सटे हैं. संताल परगना और कोल्हान में इसका असर सबसे ज्यादा देखा जाएगा. भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के रांची स्थित मौसम केंद्र के वैज्ञानिकों का कहना है कि पलामू प्रमंडल को छोड़कर झारखंड के अन्य हिस्सों में ‘रेमल’ चक्रवात का असर देखा जाएगा.

26 मई को रांची समेत इन जिलों में चलेंगी तेज हवाएं

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, रविवार (26 मई) को कोल्हान प्रमंडल के पूर्वी सिंहभूम, प सिंहभूम, सरायकेला-खरसावां जिलों के अलावा राजधानी रांची, उससे सटे खूंटी, रामगढ़, बोकारो और धनबाद में कहीं-कहीं 40 से 50 किलोमीटर की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

27, 28 मई को 4 जिलों को छोड़ कहीं-कहीं चलेंगी तेज हवाएं

इसके बाद सोमवार और मंगलवार यानी 27 और 28 मई को गढ़वा, पलामू, चतरा, लातेहार को छोड़ अन्य जिलों में कहीं-कहीं 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

रांची का अधिकतम तापमान 37.4 डिग्री सेंटीग्रेड

मौसम वैज्ञानिक के मुताबिक, राजधानी रांची का अधिकतम तापमान शनिवार को 37.4 डिग्री सेंटीग्रेड दर्ज किया गया. यहां का न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेसि के आसपास रहा. गढ़वा, गोड्डा, पलामू, सरायकेला जिले का अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेंटीग्रेड से अधिक रहा. शेष जिलों का अधिकतम तापमान 40 डिग्री से नीचे रहा.

135 किमी की रफ्तार से समुद्री तट से टकरा सकता है ‘रेमल’

बता दें कि चक्रवात में तब्दील हो चुके ‘रेमल’ के रविवार की आधी रात को 110-120 किमी प्रति घंटे से 135 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम बंगाल के सागर द्वीप तथा बांग्लादेश के खेपुपारा के बीच समुद्री तटों से टकराने की आशंका है. इसके मद्देनजर 26-27 मई को पश्चिम बंगाल और उत्तरी ओड़िशा के तटीय जिलों में अत्यधिक भारी वर्षा की चेतावनी दी गई है.

पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश में 1.5 मीटर तक उठ सकतीं हैं लहरें

मौसम विभाग ने कहा है कि तूफान के समुद्र तट से टकराने के समय तटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के निचले इलाकों में 1.5 मीटर तक तूफानी लहरें उठ सकतीं हैं. यह खेपुपारा से लगभग 360 किमी दक्षिण-दक्षिणपूर्व और सागर द्वीप से 350 किलोमीटर दक्षिण-दक्षिणपूर्व में केंद्रित है.

कोलकाता हवाई अड्डे पर 21 घंटे के लिए उड़ानें निलंबित

‘रेमल’ चक्रवात के समुद्र तट से टकराने के बाद तेज हवाएं चलने और भारी बारिश का अनुमान है. इसलिए पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से उड़ानों को निलंबित कर दिया गया है. दमदम स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस इंटरनेशनल एयरपोर्ट से रविवार दोपहर से 21 घंटे के लिए उड़ानों का परिचालन निलंबित किया गया है.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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