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झारखंड में कोरोना वायरस का एक भी मामला नहीं, 77 में 61 नेगेटिव, 16 लोगों की रिपोर्ट आनी बाकी

By AmleshNandan Sinha
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झारखंड में कोरोना वायरस का एक भी मामला नहीं
झारखंड में कोरोना वायरस का एक भी मामला नहीं
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रांची : झारखंड में अभी तक कोरोना वायरस का एक भी मामला सामने नहीं आया है. राज्य सरकार के स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, राज्य में अभी तक कुल 77 संदिग्ग्ध लोगों के सैंपल की जांच हुई है. इनमें से 61 लोगों की रिपोर्ट नेगेटिव आयी है. उनमें कोरोना वायरस से संक्रमित होने की पुष्टि नहीं हुई है, हालांकि 16 लोगों की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है. इधर, सोमवार को भी झारखंड से 16 लोगों के सैंपल जांच के लिए भेजे गये.

छह सैंपल रिम्स, सात सैंपल एमजीएम, दो सैंपल पलामू तथा एक सैंपल बोकारो में कलेक्ट किये गये. सभी सैंपल की जांच एमजीएम, जमशेदपुर में होगी. स्वास्थ्य विभाग चीन, इटली एवं अन्य देशों से लौटे 450 यात्रियों पर लगातार निगरानी रख रहा है. इनमें से 128 लोगों का 28 दिनों का आइसोलेशन पीरियड भी खत्म हो गया है.

शिक्षक नहीं जायेंगे स्कूल, घर से ही करेंगे काम

सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को कोरोना वायरस से बचाव को लेकर स्कूल जाने से छूट दे दी गयी है. शिक्षक अपने घर पर ही डिजिटल कंटेंट डेवलपमेंट आदि का काम कर सकेंगे. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस संबंध में निर्णय लिया है. राज्य सरकार ने 14 अप्रैल तक स्कूलों को बंद कर दिया है, लेकिन कई जिलों में शिक्षकों को स्कूल बुलाया जा रहा था. शिक्षक अब अपने घर पर ही मूल्यांकन कार्य तथा ई विद्यावाहिनी के तहत रिपोर्टिग का कार्य करेंगे. हालांकि विशेष परिस्थितियों में शिक्षकों को स्कूल या स्कूल पोषक क्षेत्रों में बुलाया जा सकता है. वहीं, विभाग ने यह भी निर्णय लिया है कि स्कूल बंद रहने के बावजूद भी मिड डे मील बनाने वाली महिला रसोईया को मानदेय का भुगतान होता रहेगा.

न्यूनतम कर्मियों की मदद से निबटायेंगे जरूरी काम

इधर विभाग के प्रधान सचिव एपी सिंह ने विभाग के सभी निदेशकों, जिला शिक्षा पदाधिकारियों और जिला शिक्षा अधीक्षकों को कर्मियों की न्यूनतम संख्या में वैसे सारे अत्यावश्यक कामों को निपटाने का आदेश दिया है जो घर पर नहीं किये जा सकते. उन्होंने वित्तीय समाप्ति का हवाला देते हुए कहा है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी तथा जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय न्यूनतम संख्या के आधार पर खुला रख सकते हैं यदि यह कार्य आवास से संभव नहीं है. उन्होंने न्यायालय के कार्यों तथा शिक्षकों एवं कर्मियों के वेतन भुगतान को भी प्राथमिकता देने को कहा है इसे लेकर भी उन्होंने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किया है.

पदाधिकारियों और कर्मियों को मुख्यालय में ही रहने का आदेश

प्रधान सचिव ने सभी पदाधिकारियों और कर्मियों को मुख्यालय में ही रहने का आदेश दिया है. साथ ही यह भी कहा है कि विभाग या जिला कार्यालय से कोई भी फाइल कार्यालय प्रधान की अनुमति के बिना बाहर नहीं जायेगी. उन्होंने इसकी विधिवत प्रविष्टि करने का भी आदेश दिया है. उन्होंने कहा है कि किसी आपूर्तिकर्ता का कोई भी पत्र अगर लंबित है तो उसका भी निष्पादन सुनिश्चित करते हुए आवश्यक कार्रवाई करें. इस कार्य हेतु उन्होंने अपनी सुरक्षा को भी ध्यान में रखने की नसीहत दी है.

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