PHOTOS: झारखंड की खेतों में खुशियों की बारिश, घरों में ताला-कुंडी लगाकर सभी धान रोपने में जुटे किसान

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हर किसान परिवार बारिश की खुशियों में डूबा हुआ है. रोपा शुरू हो गया है. बारिश में भीग-भीग कर रोपा करना और गीत गाने का अपना ही आनंद है. परिवार का हर सदस्य धान रोपाई में जुटा हुआ है. सूखे के डर बारिश होने पर खेतों में ऐसा लगता जैसे चारों ओर बस खुशियां हीं खुशियां हैं.

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धान रोपनी के लिए बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहराें पर खुशियां छायी हुई हैं. हर चेहरा उल्लासित है. खेत पानी से लबालब हैं. घरों में ताला-कुंडी लगाकर सभी खेतों में उतर गये हैं. कहीं तैयार बिचड़ा से रोपा कार्य शुरू हो चुका है, तो कहीं रोपा के लिए खेतों को तैयार किया जा रहा है. हाय रे हामर सोना झारखंड, स्वर्ग जइसन सुंदर अन-धन से भरल धरती, सउब से सुखी समपन, हाय रे हामर सोना झारखंड…की धुन पर युवा और बुजुर्ग धान की रोपनी में जुटे हुए हैं. महिलाएं नाचते गाते हुए धान रोपाई कर रही हैं. वहीं लोक गायक लोकगाथा गा रहे हैं. बेहतर खेती और सुनहरे भविष्य की कामना कर रहे हैं.

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अपने पुरखों की जमीन पर खेती करना किसी पर्व से कम नहीं है. रोपाई के साथ-साथ खेतों में गीत भी गूंजते हैं. घरों में मीठा पकवान बनता है. यह सिर्फ बारिश नहीं है, बल्कि खुशियां हैं. बारिश देर से हुई है, लेकिन विश्वास है कि हमारी मेहनत रंग लायेगी. खेतों में पानी भरने लगा है. बिचड़े तैयार हो चुके हैं. अब विश्वास है रोपनी का कार्य पूरा हो जायेगा, जिससे किसानों की हालत सुधरेगी. कुछ दिन पहले तक ऐसा लग रहा था कि इस वर्ष हमारे खेत सूखे ही रह जायेंगे, लेकिन भगवान पर भरोसा था. कुछ दिनों तक ऐसी बारिश होती रही, तो किसानों के सामने संकट नहीं होगा. हमारा रोपा सफल होगा. खेत लहलहायेंगे.

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धान रोपाई का बेसब्री से इंतजार था. बेंगलुरु से रांची रोपा के लिए ही आया हूं. हर वर्ष इस बारिश का इंतजार रहता है. लगातार बारिश होने से पूरे परिवार के चेहरे पर खुशियां दिख रही हैं. पहले ही बिचड़ा तैयार कर लिया था. अब रोपा कार्य संंपन्न होने पर बेंगलुरु लौट जाऊंगा. फिर कटाई का इंतजार रहेगा.

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लालखटंगा पंचायत के पंचायत समिति सदस्य करमू मुंडा, पत्नी सावित्री देवी समेत पूरे परिवार के साथ धान की रोपाई में जुटे हुए हैं. करमू कहते हैं : इस बारिश का बेसब्री से इंतजार था. पहली प्राथमिकता धान की रोपाई है. यह किसी पर्व से कम नहीं है. पूरा परिवार खेती-किसानी में जुट जाता है.

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इस झमाझम बारिश का सभी को बेसब्री से इंतजार था. कुछ दिन पहले तक लग रहा था कि इस बार हम खेती नहीं कर पायेंगे. लेकिन दो दिनों से लगातार हो रही बारिश अपने साथ उम्मीद भी लेकर आयी है. अपने खेत में फसल उगाकर बेहद सुकून मिलता है.

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युवा भी गांवों में पहुंच चुके हैं. एक तरफ खेतों में महिलाएं रोपा गीत गा रही हैं, तो दूसरी तरफ युवा स्मार्टफोन पर नागपुरी गीत की धुन पर धान रोपनी कर रहे हैं. खेतों में भी सेल्फी का क्रेज दिख रहा है. सोशल मीडिया पर फोटो शेयर कर रहे हैं. वहीं दूसरे राज्यों में मजदूरी करने गये लोग भी अपने गांव पहुंचकर खेती कार्य में जुटे हुए हैं.

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