झारखंड विधानसभा कर्मियों को 17 साल से प्रोन्नति नहीं, लिखा पत्र

Updated:
विज्ञापन

पत्र में कहा गया है कि विधानसभा में वर्ष 2014 से अब तक सभी प्रकार की प्रोन्नति लंबित है. चतुर्थवर्गीय कर्मियों सहित अन्य कर्मियों की प्रोन्नति पिछले 17 वर्ष से लंबित है.

विज्ञापन

रांची : झारखंड विधानसभा में कार्यरत अधिकारियों व कर्मचारियों की पिछले 17 साल से प्रोन्नति लंबित है. गुरुवार को विधानसभा अध्यक्ष के निर्देश पर विधानसभा सचिवालय के उप सचिव नवीन कुमार की ओर से मंत्रिमंडल सचिवालय एवं समन्वय विभाग के प्रधान सचिव को पत्र लिख कर शीघ्र प्रोन्नति दिलाने का आग्रह किया गया है. साथ ही इसके लिए विधानसभा सचिवालय में सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के माध्यम से तथा नियमित प्रोन्नति सहित अन्य मामलों के लिए सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एसके मुखोपाध्याय की अध्यक्षता में गठित एक सदस्यीय न्यायिक आयोग से भी सलाह लेने का आग्रह किया है.

आपके शहर में

विज्ञापन

पत्र में कहा गया है कि विधानसभा में वर्ष 2014 से अब तक सभी प्रकार की प्रोन्नति लंबित है. चतुर्थवर्गीय कर्मियों सहित अन्य कर्मियों की प्रोन्नति पिछले 17 वर्ष से लंबित है. इसी प्रकार उप सचिव, अवर सचिव व प्रशाखा पदाधिकारी, सहायक प्रशाखा पदाधिकारी, निजी सहायक संवर्ग, प्रतिवेदन संवर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों के पिछले 10 से 17 वर्ष में प्रोन्नति नहीं मिली है. रिक्त पद रहने के बावजूद कर्मियों को प्रोन्नति नहीं मिलने से उनमें क्षोभ है. कई कर्मचारी बिना प्रोन्नति के ही सेवानिवृत्त हो गये हैं.

Also Read: झारखंड विधानसभा नियुक्ति गड़बड़ी मामले में हाईकोर्ट ने जतायी नाराजगी, सचिव को दिया 7 दिनों की मोहलत

बताया जाता है कि प्रोन्नति को लेकर संसदीय कार्य मंत्री आलमगीर आलम तथा वित्त मंत्री रामेश्वर उरांव के साथ कई दौर की बैठकें भी हो चुकी हैं, लेकिन सहमति नहीं बन पायी है. प्रोन्नति नहीं मिलने से कर्मचारियों व अधिकारियों को आर्थिक नुकसान भी हो रहा है.

विज्ञापन

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola