Ranchi में जमीन रजिस्ट्री के नाम पर पूर्व थानेदार के डॉक्टर पति से 27 लाख रुपए की धोखाधड़ी

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रांची में जमीन रजिस्ट्री के नाम पर लाखों रुपए की धोखाधड़़ी

गिरिडीह के डॉक्टर से जमीन की रजिस्ट्री के नाम पर 27.50 लाख रुपये ठग लिए गए. शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि जमीन दिलाने का वादा कर पैसे लिए गए, लेकिन लंबे समय बाद भी रजिस्ट्री नहीं हुई. अब जान से मारने की धमकी भी मिल रही है.

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रांचीः जमीन खरीदने के नाम पर लाखों रुपए लेने और लंबे समय तक रजिस्ट्री नहीं करने को लेकर गिरिडीह सदर अस्पताल में पदस्थापित डॉक्टर डॉ आशीष मोहन सिन्हा ने कोतवाली थाना में प्राथमिकी दर्ज कराई है. इसमें अजीव सहाय, उनकी पत्नी तनु सहाय, जितेंद्र कुमार पांडेय, ध्रुव नारायण पांडेय और सुनील कुमार पांडेय को नामजद आरोपी बनाया गया है. इन्होंने कहा है कि पत्नी विंध्यावासिनी कुमारी सिन्हा रांची के महिला थाना प्रभारी के पद पर वर्ष 2019 से पदस्थापित थी. वे अक्सर यहां आते रहते थे. इसी क्रम में कांके निवासी अजीव सहाय और उनकी पत्नी तनु से 13 अक्तूबर 2020 को मुलाकात हुई थी. अजीव सहाय ने उन्हें कांके अंचल के मौजा गोवरहप्पा स्थित खाता नंबर 02 की करीब 20 डिसमिल जमीन के बारे में बताया था. जमीन की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए प्रति डिसमिल बतायी गई थी.

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अजीव सहाय ने दावा किया था कि जमीन की बिक्री का एग्रीमेंट हो चुका है और रास्ते से संबंधित जमीन मालिकों से भी बातचीत अंतिम चरण में है. आरोप है कि अजीव सहाय की बात पर विश्वास करते हुए शिकायतकर्ता ने जमीन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की. शुरुआत में उन्हें एक लाख रुपए नकद दिए गए. इसके बाद 31 अक्तूबर 2020 को जमीन मालिक जितेंद्र कुमार पांडेय के खाते में चार लाख रुपए का भुगतान किया गया. फिर अलग-अलग समय पर अजीव सहाय के माध्यम से उनसे लगातार रकम ली जाती रही. 14 अप्रैल 2021 को जमीन की खरीद-बिक्री से संबंधित एकरारनामा भी उपलब्ध कराया गया.

शिकायत के अनुसार, करीब 27 लाख 50 हजार रुपए लिए जाने के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं कराई गई. काफी समय तक रजिस्ट्री नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने अजीव सहाय से रकम वापस करने या जमीन की रजिस्ट्री कराने का आग्रह किया. वर्ष 2024 में अजीव सहाय ने शिकायतकर्ता के पिता को बताया कि जमीन पर किसी अन्य व्यक्ति द्वारा पावर ऑफ अटॉनीं और डीड के आधार पर दावा किया जा रहा है, इसलिए रजिस्ट्री नहीं हो पा रही है. रजिस्ट्री कराने के नाम पर बाद में भी रकम की मांग की गई. 19 सितंबर 2025 को शिकायतकर्ता के पिता से करीब 2.75 लाख रुपए नकद लिए जाने का भी आरोप है. इसके बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं हुई.

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जमीन दिलाने का झांसा देकर 17 लाख की ठगी

वहीं, सदर थाना क्षेत्र में जमीन बिक्री के नाम पर 17 लाख रुपए ठगने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है. इस संबंध में रामपुर बाजार गढ़के, राजाउलातू निवासी अशोक मुंडा ने बिनोद कुमार के खिलाफ थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है. पीड़ित अशोक मुंडा ने पुलिस को बताया कि विनोद कुमार ने भाई की तबीयत खराब होने का हवाला देकर मदद मांगी थी. इसके एवज में उसने मौजा तिरिल की 10 कट्ठा जमीन का एकरारनामा किया था. पीड़ित ने आरोपी को पंद्रह लाख रुपए नकद और दो लाख रुपए चेक के माध्यम से कुल सत्रह लाख रुपए दिए थे. इसके बाद आरोपी ने बाउंड्री वॉल निर्माण पर 12 लाख रुपए खर्च कराए.

कुछ समय बीतने के बाद आरोपी ने पांच कट्ठा जमीन पहले ही बिक जाने की बात कही और शेष पांच कट्ठा जमीन आवेदक की मां फूलो देवी के नाम से परमिशन करा दी, जिसका आदेश 26 जुलाई 2025 को हुआ था. इसके बाद भी आरोपी जमीन की रजिस्ट्री करने में आनाकानी कर रहा है. आरोप है कि उसने हाल ही में दो लाख रुपए नकद फिर और एक लाख रुपए नकद और फोन पे के जरिए पैंतालीस हजार रुपए और लिए, लेकिन अब रजिस्ट्री करने से इनकार कर रहा है. फोन रिसीव नहीं करने और संपर्क करने पर आरोपी द्वारा जान से मारने की धमकी दी जा रही है. एकरारनामा के अनुसार जमीन नहीं देने पर सत्रह लाख के एवज में एक करोड़ सत्तर लाख रुपए लौटने की बात थी, जिसे देने से भी इनकार किया जा रहा है.

जमीन बिक्री के नाम पर 39.30 लाख की ठगी

इधर, सदर थाना के बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र में जमीन बिक्री के नाम पर एक व्यक्ति से 39.30 लाख रुपए की ठगी करने का मामला सामने आया है. इस संबंध में थड़पखना एचबी रोड निवासी अभिषेक कुमार जायसवाल ने मेसरा ओपी में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है. पीड़ित के अनुसार उन्होंने मेसरा मौजा में जमीन खरीदने के लिए जून 2022 में तीन लोगों के साथ एकरारनामा कराया था. विक्रेताओं में महावीर उरांव, सालिक मुंडा और कैलाश करमाली शामिल हैं. बातचीत के तहत कुल 31.70 लाख रुपये नकद, चेक और आरटीजीएस के माध्यम से भुगतान किए गए. इसके अलावा जमीन पर चहारदीवारी और बोरवेल निर्माण में 7.60 लाख रुपए खर्च किए. कुल राशि 39.30 लाख रुपए हो गई. लगभग एक वर्ष बाद विक्रेताओं ने जमीन देने से इनकार कर दिया. कहा कि उस भूमि पर विवाद है. आरोपियों ने फरवरी 2024 तक पूरी राशि लौटाने का आश्वासन दिया, लेकिन केवल 15 लाख रुपए ही वापस किए गए.

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जमीन का एकरारनामा कर चार लाख की जालसाजी

इसके अलावा सदर थाना के बीआईटी मेसरा ओपी क्षेत्र में जमीन बिक्री के नाम पर जालसाजी और धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. बीआईटी मेसरा के कर्मचारी दिनेश कुमार से 1.60 लाख नकद लेने और चार लाख की लागत से निर्माण कराने के बाद भी जमीन नहीं देने का आरोप लगा है. पीड़ित दिनेश कुमार ने पुलिस को बताया कि मो शमशाद ने उनकी मुलाकात मो इब्राहिम अंसारी से कराई थी. इसके बाद मौजा ओयना के लिए 19 अप्रैल 2024 को एकरारनामा हुआ था. जमीन पर बाउंड्रीवॉल कराने और काम शुरू करने के बाद स्थानीय लोगों से पता चला कि उक्त प्लॉट पहले ही चार बार बिक्री हो चुका है. कचहरी से जांच कराने पर इस बात की पुष्टि हुई.

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