चंदा प्रकरण की निष्पक्ष जांच और MMDR संशोधन के खिलाफ रांची में कांग्रेस का धरना

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रांची में प्रदर्शन करते कांग्रेस के नेता.

रांची में कांग्रेस ने अयोध्या मंदिर चंदे में पारदर्शिता और खनिज कानून के विरोध में एकदिवसीय धरना प्रदर्शन किया. पार्टी ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए जवाबदेही और राज्यों के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई.

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रांची से नवीन शर्मा की रिपोर्ट

Congress Protest: अयोध्या स्थित श्रीराम जन्मभूमि मंदिर से संबंधित चंदे में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष जांच तथा खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन अधिनियम, 2026 के विरोध में कांग्रेस ने गुरुवार को रांची में एकदिवसीय धरना-प्रदर्शन किया. रांची जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा और रांची महानगर कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष डॉ कुमार राजा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित धरने में कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया. कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हुए पारदर्शिता, जवाबदेही, राज्यों के संवैधानिक अधिकार और वित्तीय स्वायत्तता की रक्षा की मांग उठाई. कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन रांची के उपायुक्त के माध्यम से सौंपा गया.

चंदे की निष्पक्ष जांच की मांग

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष केशव महतो कमलेश ने कहा कि कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों, पारदर्शिता और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रही है. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चंदे में यदि किसी तरह की अनियमितता के आरोप हैं तो उनकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि आस्था से जुड़े वित्तीय मामलों में पारदर्शिता और जवाबदेही बेहद जरूरी है. केशव महतो कमलेश ने कहा कि झारखंड जैसे खनिज संपदा से समृद्ध राज्य के अधिकारों को कमजोर करने वाला कोई भी कदम स्वीकार नहीं किया जाएगा. कांग्रेस इन मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाएगी.

खनिज संपदा पर झारखंड के अधिकार का सवाल

पूर्व केंद्रीय मंत्री सुबोधकांत सहाय ने कहा कि प्राकृतिक संसाधनों पर राज्यों और वहां की जनता का भी अधिकार है. झारखंड ने वर्षों से खनन के दुष्प्रभावों को झेला है। ऐसे में राज्य की खनिज संपदा से मिलने वाले राजस्व और वित्तीय स्वायत्तता की रक्षा जरूरी है. उन्होंने कहा कि खनिज संसाधनों से होने वाली आय में राज्य और स्थानीय जनता के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. कांग्रेस इस मुद्दे को जनहित और झारखंड के अधिकार से जुड़े सवाल के रूप में उठा रही है.

संविधान और संघीय ढांचे की रक्षा

AICC सचिव प्रणव झा ने कहा कि कांग्रेस का संघर्ष संविधान, लोकतंत्र और राज्यों के अधिकारों की रक्षा के लिए है. उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा यहां की जनता की अमूल्य धरोहर है और इससे होने वाले राजस्व में राज्य तथा स्थानीय जनता के हितों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चंदे में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना भी जरूरी है. कांग्रेस दोनों मुद्दों को जनता के बीच मजबूती से उठाती रहेगी.

MMDR संशोधन के खिलाफ कांग्रेस

विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के उपनेता राजेश कच्छप ने कहा कि MMDR संशोधन के माध्यम से यदि राज्यों के अधिकारों को सीमित करने का प्रयास किया गया तो कांग्रेस इसका लोकतांत्रिक तरीके से विरोध करेगी. उन्होंने कहा कि झारखंड के संसाधनों का लाभ झारखंड की जनता को मिलना चाहिए और राज्य की वित्तीय स्वायत्तता से कोई समझौता नहीं किया जा सकता. कांग्रेस विधायक सुरेश बैठा ने कहा कि यह लड़ाई किसी व्यक्ति या संस्था के खिलाफ नहीं, बल्कि पारदर्शिता, जवाबदेही और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए है. उन्होंने कहा कि झारखंड के हितों के साथ किसी भी तरह का समझौता कांग्रेस स्वीकार नहीं करेगी.

चंदे का पारदर्शी हिसाब सार्वजनिक करने की मांग

प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष सह मीडिया चेयरमैन सतीश पौल मुंजनी ने कहा कि करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा चंदा जनविश्वास की संपत्ति है. इसलिए इसके संग्रह और उपयोग का पारदर्शी लेखा-जोखा सार्वजनिक होना चाहिए. उन्होंने कहा कि आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि दूसरी ओर MMDR संशोधन के जरिए यदि राज्यों के वित्तीय एवं संवैधानिक अधिकार प्रभावित होते हैं तो यह संघीय ढांचे के लिए गंभीर चिंता का विषय है.

रांची कांग्रेस ने भी उठाए सवाल

रांची जिला कांग्रेस अध्यक्ष सोमनाथ मुंडा ने कहा कि यह धरना जनहित और संविधान की रक्षा की आवाज है. उन्होंने कहा कि झारखंड की खनिज संपदा पर पहला अधिकार यहां की जनता और राज्य का होना चाहिए. केंद्र सरकार को राज्यों के अधिकारों का सम्मान करते हुए झारखंड की आर्थिक एवं वित्तीय स्वायत्तता को सुरक्षित रखना चाहिए. रांची महानगर कांग्रेस अध्यक्ष डॉ कुमार राजा ने कहा कि कांग्रेस जनता के विश्वास से जुड़े हर मुद्दे पर जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष करती रहेगी. उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए चंदे का पारदर्शी हिसाब सार्वजनिक होना चाहिए और किसी भी अनियमितता के आरोप की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए.

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कार्यक्रम में ये भी रहे शामिल

कार्यक्रम को बंधु तिर्की, अजय नाथ सहदेव, राजेश सिन्हा और दयामनी बारला समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया. धरने में रियाज अहमद, उज्जवल प्रकाश तिवारी, सुनील सिंह, वेद प्रकाश, सुरेश सिंह, प्रिंस भट्ट, मनोज सिंह, संजीव सिंह छोटू, संजय खान, बलराम साहू, कुशल उरांव, तुलसी खरवार, मनोहर महतो, राज किशोर मुंडा, साबिर लोहार, इश्तियाक अंसारी, मांगा उरांव, कार्तिक महतो, विजय टोप्पो, अर्चना मिश्रा, रीता चौधरी और नीतू समेत बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे. कार्यक्रम के अंत में राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन उपायुक्त, रांची के माध्यम से सौंपा गया. कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जनता के विश्वास, राज्यों के अधिकार और संविधान की संघीय भावना से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा.

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