यूपी के अधिकारियों ने निगम के टैक्स कलेक्शन मॉडल को करीब से जाना

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रांची : रांची नगर निगम के टैक्स कलेक्शन मॉडल को करीब से देखने व समझने के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड का एक प्रतिनिधिमंडल रांची नगर निगम पहुंचा. यहां यूपी के अधिकारियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिये टैक्स कलेक्शन, राजस्व में लगातार हो रही वृद्धि आदि की जानकारी […]

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रांची : रांची नगर निगम के टैक्स कलेक्शन मॉडल को करीब से देखने व समझने के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड का एक प्रतिनिधिमंडल रांची नगर निगम पहुंचा. यहां यूपी के अधिकारियों को पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के जरिये टैक्स कलेक्शन, राजस्व में लगातार हो रही वृद्धि आदि की जानकारी दी गयी. निगम के अधिकारियों ने बताया कि कैसे निगम ने पांच सालों में अपना राजस्व संग्रहण पांच करोड़ से बढ़ा कर 50 करोड़ तक पहुंचा दिया.

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यूपी के अधिकारियों को बताया गया कि वर्ष 2014 में राजस्व संग्रहण का काम पीपीपी मॉडल पर निजी कंपनी को दिया गया. वर्ष 2016 में होल्डिंग टैक्स वसूली के लिए सेल्फ असेसमेंट की शुरुआत की गयी. लोगों को प्रोपर्टी टैक्स गणना और भुगतान की सुविधा ऑन लाइन उपलब्ध करायी गयी.
डोर-टू-डोर प्रॉपर्टी टैक्स संग्रहण का काम शुरू कराया गया. इससे लोग भी जागरूक हुए. नगर आयुक्त मनोज कुमार ने बताया कि नये रेवेन्यू मॉडल के तहत अब प्रतिवर्ष होल्डिंग टैक्स, म्यूनिसिपल ट्रेड लाइसेंस और अन्य टैक्स में लगभग तीन गुना तक की बढ़ोतरी हुई है.
इस कारण पिछले वर्ष नयी दिल्ली में भारत सरकार ने इस रेवेन्यू मॉडल की सराहना की थी. राज्य सरकार के नगर विकास एवं आवास विभाग को सम्मानित भी किया गया था. दल में उत्तर प्रदेश नगर पालिका वित्तीय संसाधन विकास बोर्ड के अध्यक्ष राकेश गर्ग, शोध अधिकारी श्रीराम नरेश पाल व कर निर्धारण पदाधिकारी गजेंद्र कुमार शामिल थे.
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