रांची : गरीब सवर्णों की सीटें खाली रह गयीं, तो होंगी अनारक्षित

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विवेक चंद्र नियम में संशोधन. कार्मिक विभाग ने तैयार िकया प्रस्ताव रांची : राज्य सरकार की नौकरियों में गरीब सवर्णों के लिए आरक्षित सीटों पर योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने की स्थिति में उन सीटों को अनारक्षित (सामान्य) वर्ग से भरा जा सकेगा. कार्मिक विभाग ने इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार किया है. प्रस्ताव को विधि विभाग […]

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विवेक चंद्र
नियम में संशोधन. कार्मिक विभाग ने तैयार िकया प्रस्ताव
रांची : राज्य सरकार की नौकरियों में गरीब सवर्णों के लिए आरक्षित सीटों पर योग्य अभ्यर्थी नहीं मिलने की स्थिति में उन सीटों को अनारक्षित (सामान्य) वर्ग से भरा जा सकेगा. कार्मिक विभाग ने इससे संबंधित प्रस्ताव तैयार किया है. प्रस्ताव को विधि विभाग और मुख्यमंत्री की स्वीकृति मिल चुकी है. अब संकल्प में संशोधन पर विचार के लिए इसे कैबिनेट के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा.
फिलहाल किसी भर्ती वर्ष में आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के लिए आरक्षित सीटों पर योग्य अभ्यर्थी की अनुपलब्धता के कारण उस रिक्ति को अगले भर्ती वर्ष के बैकलॉग के रूप में या अनारक्षित कोटि से भरे जाने का कोई प्रावधान नहीं किया गया है. फलस्वरूप, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए आरक्षित रिक्ति के विरुद्ध अभ्यर्थी उपलब्ध नहीं होने की स्थिति में यह पद खाली ही रह जायेगा. जेपीएससी ने इस विषय पर राज्य सरकार से निर्देश मांगा था. यह मामला अब भी राज्य सरकार के विचाराधीन है.
कार्मिक विभाग का संकल्प : कार्मिक विभाग द्वारा निकाले गये संकल्प में कहा गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के वर्ग से संबंधित व्यक्ति जो अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अत्यंत पिछड़ा वर्ग व पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षण स्कीम का लाभ नहीं ले रहा है, उन्हें झारखंड सरकार के सिविल पदों एवं सेवाओं में सीधी भर्ती में 10 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा. इस प्रकार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग का आरक्षण जातिगत आरक्षण के अतिरिक्त है. जिसे रोस्टर बिंदु में अनारक्षित के स्थान पर स्थापित किया गया है.
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