रांची़ :हजरत हुसैन ने सिखाया दुश्मन को कैसे माफ करें
Author Prabhat khabar digital desk
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रांची़ :मस्जिद-ए-जफरिया में मजलिस-ए-गम मुहर्रम की तीसरी मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना तहजीबुल हसन रिजवी ने कहा कि इंसान की सबसे बड़ी ताकत सच्चाई है़ झूठ अंधेरा, तो सच्चाई रोशनी है़ सुबह का भूला यदि शाम को वापस आ जाये, तो उसे भूला नहीं कहा जाता़ इस बात का पता किरदार हजरत-ए-हूर से मिलता […]
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रांची़ :मस्जिद-ए-जफरिया में मजलिस-ए-गम मुहर्रम की तीसरी मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना तहजीबुल हसन रिजवी ने कहा कि इंसान की सबसे बड़ी ताकत सच्चाई है़ झूठ अंधेरा, तो सच्चाई रोशनी है़ सुबह का भूला यदि शाम को वापस आ जाये, तो उसे भूला नहीं कहा जाता़ इस बात का पता किरदार हजरत-ए-हूर से मिलता है़ हूर उस शख्स का नाम है, जो नौ मुहर्रम तक जालिम यजीद के साथ रहा और जिसने 10 मुहर्रम को अपने बेटे के साथ इमामे हुसैन के पक्ष में शामिल होकर जन्नत खरीद ली़
दुश्मन को कैसे माफ किया जाता है, यह हजरत हुसैन ने ही सिखाया है़ मजलिस के बाद हसनैन, फैजान हैदर व अमोद अब्बास ने नोहा खानी की़ सलाम पेश करनेवालों में नेहाल हुसैन,अशरफ रिजवी व नजर इमाम शामिल थे़ मजलिस का आयोजन डॉक्टर शमीम हैदर नकवी ने किया था़ इस अवसर पर डॉ शीन अख्तर, मेहंदी इमाम, एसएच फातमी, मुबारक अब्बास, इकबाल फातिमा, जावेद हैदर, यादगार नकवी, सैयद समर अली और अन्य मौजूद थे़
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