अपने डॉक्टरों को निजी प्रैक्टिस से रोक पाना रिम्स के लिए बड़ी चुनौती

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रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करने से बाज नहीं आ रहे हैं. मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाइकोर्ट को भी तल्ख टिप्पणी करनी पड़ी है. हाईकोर्ट ने सरकार और रिम्स प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि निजी प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्टरों […]

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रांची : राज्य के सबसे बड़े अस्पताल रिम्स के डॉक्टर निजी प्रैक्टिस करने से बाज नहीं आ रहे हैं. मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि हाइकोर्ट को भी तल्ख टिप्पणी करनी पड़ी है. हाईकोर्ट ने सरकार और रिम्स प्रबंधन को स्पष्ट निर्देश दिया है कि निजी प्रैक्टिस करनेवाले डॉक्टरों पर कार्रवाई करें. अपनी टिप्पणी में कोर्ट ने सरकार और रिम्स प्रबंधन को बताया गया है कि डॉक्टर रिम्स में मुश्किल से दो घंटे ही रहते हैं. अस्पताल में रहने पर भी उनका ध्यान निजी क्लिनिक पर लगा रहता है.

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इधर, रिम्स प्रबंधन को भी यह पता है कि उनके डॉक्टर खुलेआम प्रैक्टिस करते हैं. इसके बावजूद रिम्स प्रबंधन के लिए अपने डॉक्टरों को ऐसा करने से रोकना बड़ी चुनौती है. बरियातू से बूटी मोड़ तक करीब आधा दर्जन डॉक्टरों की निजी प्रैक्टिस चलती है. कुछ तो रात-रात तक प्रैक्टिस करते हैं. क्लिनिक में प्रैक्टिस करते हैं और वहां से मरीज को रिम्स भेजते हैं. वहीं डोरंडा, कांके, बूटी मोड़ के अलावा कई डॉक्टर तो आसपास जिला में प्रैक्टिस करने जाते हैं.
नौ फरवरी को निदेशक ने डॉक्टरों को जारी किया था फरमान : रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने नौ फरवरी को रिम्स के सभी विभागाध्यक्षों, यूनिट इंचार्ज व डॉक्टरों को निर्देश जारी किया था. कहा था कि जो भी निजी प्रैक्टिस करते हैं, वे तत्काल इसे बंद कर दें, अन्यथा उन पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी. रिम्स के पत्रांक संख्या 578 से सभी डॉक्टरों को आदेश जारी किया गया है.
तीन डॉक्टराें के क्लिनिक पर की थी छापेमारी : रिम्स निदेशक डॉ दिनेश कुमार सिंह ने 25 फरवरी को निजी प्रैक्टिस करनेवाले चार डॉक्टरों के निजी क्लिनिक पर छापेमारी की. क्लिनिक में ये सभी डाॅक्टर मरीजों को परामर्श देते हुए पाये थे. अचानक निदेशक काे क्लिनिक में आते देख सभी डॉक्टर भौचक हो गये थे. डॉक्टरों को स्पष्ट हिदायत दी थी कि अगर आपको निजी प्रैक्टिस करनी ही है, तो रिम्स से इस्तीफा दे दीजिए.
विभाग ने निजी प्रैक्टिस कर रहे डॉक्टरोें की सूची सौंपी
रिम्स के पांच डॉक्टरों पर नॉन प्रैक्टिसिंग एलाउंस (एनपीए) लेने के बावजूद खुलेआम निजी प्रैक्टिस के आराेप की जांच करने स्वास्थ्य विभाग को नौ अप्रैल को दिया था. मुख्यमंत्री सचिवालय को की गयी शिकायत को आधार बनाते हुए रिम्स प्रबंधन को मामले की जांच कराने को कहा था. स्वास्थ्य विभाग के अवर सचिव ओमप्रकाश ने डॉक्टरों के नाम की सूची भेजी थी.
विभाग द्वारा भेजी गयी सूची
डॉ रश्मि मिश्रा
डॉ राजेश कुमार
डॉ बंकिम चंद्र
डॉ मणि भूषण कुमार
डॉ धर्मेंद्र कुमार
टेक्नीशियन एम कुमार.
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