रांची : लंबित मांगें नहीं माने जाने पर करेंगे विधानसभा का घेराव

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रांची : झारखंड अल्पसंख्यक प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय शिक्षक-शिक्षकेतर समन्वय समिति ने सरकार से सातवां वेतनमान समेत अन्य लंबित मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है. समिति के महासचिव निरंजन कुमार शांडिल ने कहा कि यदि सरकार हमारी मांगों पर अमल नहीं करेगी, तो मॉनसून सत्र के दौरान जुलूस और प्रदर्शन कार्यक्रम के जरिये […]

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रांची : झारखंड अल्पसंख्यक प्राथमिक एवं माध्यमिक विद्यालय शिक्षक-शिक्षकेतर समन्वय समिति ने सरकार से सातवां वेतनमान समेत अन्य लंबित मांगों को पूरा करने का आग्रह किया है.
समिति के महासचिव निरंजन कुमार शांडिल ने कहा कि यदि सरकार हमारी मांगों पर अमल नहीं करेगी, तो मॉनसून सत्र के दौरान जुलूस और प्रदर्शन कार्यक्रम के जरिये विधानसभा का घेराव किया जायेगा. समिति के बैनर तले हुई बैठक में 15 दिनों के अंदर 982 अल्पसंख्यक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों, शिक्षकेतर कर्मियों को बढ़ा हुआ वेतन देने की मांग की गयी. इसके अलावा नवीन अंशदायी पेंशन योजना 2004, सेवानिवृत्ति के बाद अर्जित अवकाश के बराबर राशि का भुगतान, लंबित नियुक्ति, वेतन निर्धारण, परिवहन भत्ता दिये जाने का अनुरोध किया गया है.
समिति ने कहा है कि 19 सितंबर 2017 को हजारों कर्मियों ने स्कूली शिक्षा और साक्षरता मंत्री को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा था. पर अब तक ज्ञापन पर किसी तरह की कार्रवाई नहीं की गयी. इसके बाद समिति के शिष्टमंडल ने विभागीय सचिव, प्राथमिक शिक्षा निदेशक से मिल कर समस्याओं का समाधान करने की मांग भी की. पर किसी प्रकार का निष्कर्ष अब तक नहीं निकल पाया है.
बैठक में फ्लोरेंस कुजूर, रमेश कुमार सिंह, सुशील कुमार राय, धीरेंद्र कुमार, मो शमीउल्लाह, हुबर्तुस बेक, लिलीकांता डुंगडुंग, एंथोनी तिग्गा, सुशील प्रसाद, संजीव डुंगडुंग, रविकांत सिंह, राजेंद्र गोप, अवध कुमार पारही, दिलीप मालवा, महेंद्र खेस, ओलिवर तिर्की, शशिलता लकड़ा, विमल कच्छप, फ्रांसिस बाड़ा, सरोजनी एक्का, ज्योति डुंगडुंग और अन्य शामिल थे.
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