भुरकुंडा में 50 हजार लोगों पर मंडराया पानी का संकट, बिजली बिल बकाया सवा करोड़; कनेक्शन कटने का डर
पटेल नगर में बने फिल्टर प्लांट का एरियल व्यू. | Prabhat Khabar Network
भुरकुंडा ग्रामीण जलापूर्ति योजना पर सवा करोड़ का बिजली बिल बकाया है. कनेक्शन कटने से 50 हजार लोगों की प्यास बुझना मुश्किल हो सकता है. पूरी खबर पढ़ें.
भुरकुंडा(रामगढ़). भुरकुंडा ग्रामीण जलापूर्ति योजना संकट में है. यह योजना हजारों लोगों की पानी की जरूरत पूरी करती है. इस योजना पर वर्तमान में बिजली विभाग का लगभग सवा करोड़ रुपये का बिजली बिल बकाया है. ऐसे में शीघ्र बिल भुगतान नहीं होने की सूरत में बिजली विभाग द्वारा कनेक्शन काटे जाने की संभावना बढ़ गयी है.
ग्राम जल स्वच्छता समिति को बिजली विभाग लगातार रिमाइंडर भेज रहा है. लेकिन, इतनी बड़ी राशि चुकाना समिति के बस की बात नहीं है. ऐसी स्थिति में बिजली विभाग यदि कनेक्शन काटने की कार्रवाई करता है, तो 50 हजार से अधिक की आबादी सीधे तौर पर प्रभावित होगी. पटेल नगर की रहने वाली राधा देवी को चिंता है कि नल में पानी नहीं आया तो बच्चों की पढ़ाई और घर का काम कैसे होगा.
उक्त योजना से भुरकुंडा क्षेत्र के पांच पंचायत जवाहर नगर, पटेल नगर, सुंदर नगर, भुरकुंडा व कुर्से पंचायत के लोग लाभान्वित होते हैं. योजना से करीब 6 हजार कनेक्शन जुड़ा है.
कनेक्शन कटने से बचाने की जद्दोजहद
हालात की गंभीरता का अंदाजा इस बात से भी लगाया जा सकता है कि मामले में स्थानीय विधायक रोशनलाल चौधरी भी काफी एक्टिव रोल में हैं. बिजली का कनेक्शन न कटे इसके लिए उनके द्वारा हरसंभव प्रयास किया जा रहा है.
विधायक ने तीन-चार दिन पूर्व पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री योगेंद्र प्रसाद से मुलाकात की. मंत्री से मामले में दखल देते हुए विद्युत विभाग को आवश्यक दिशा निर्देश जारी करने का आग्रह किया है, ताकि कनेक्शन विच्छेद की कार्रवाई पर रोक लग सके.
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बढ़ते बिजली बिल का राज
डीएमएफटी मद की करीब 21 करोड़ की लागत से उक्त योजना का निर्माण वर्ष 2019 में पूरा हुआ. शर्तों के मुताबिक निर्माण कंपनी के द्वारा ही अगले पांच वर्षों तक इलाके में जलापूर्ति की जानी थी, जबकि बिल वसूलने का काम कंपनी का नहीं था.
वर्ष 2024 में ग्राम जल स्वच्छता समिति को कंपनी ने योजना को हैंडओवर कर दिया. कंपनी की पांच साल की अवधि का बिजली बिल और उसके बाद का अबतक का बिजली बिल मिलाकर कुल बकाया सवा करोड़ के आसपास हो गया है. शुरुआती दौर में, उपभोक्ताओं को शायद यह जानकारी नहीं थी कि टेस्टिंग मोड में भी बिल देय होता है, जिससे यह बकाया बढ़ता चला गया. अब ज्यादातर उपभोक्ताओं का बकाया बिल भी काफी है, जिसे वे भी चुकाने में असमर्थता जता रहे हैं.
हर माह आता है तीन लाख से अधिक का बिजली बिल
योजना के संचालन के लिए बिजली का तीन कनेक्शन लगा है. इसमें एक सौंदा दोमुहानी के समीप दामोदर नदी, दूसरा पटेल नगर में फिल्टर प्लांट व तीसरा कनेक्शन हुरूमगढ़ा जलमीनार के लिए है. तीनों को मिलाकर प्रत्येक माह करीब साढ़े तीन लाख का बिजली आता है. सभी उपभोक्ता हर महीने नियमित बिल चुकाएं, तो केवल उस माह का बिजली बिल भरा जा सकता है. मेंटेनेंस के लिए कोई भी राशि नहीं बचेगी.
लेकिन वास्तविकता यह कि हर महीने काफी कम उपभोक्ता बिल चुकाते हैं. जो रकम जमा होती है, वह फिटकिरी, ब्लीचिंग, स्टाफ खर्च इत्यादि में चली जाती है. बिजली का बिल पेंडिंग रह जाता है.

योजना के तहत पटेल नगर में स्थापित जलमीनार | Prabhat Khabar Network
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