एनजीटी का आदेश बेअसर, बालू का खनन जारी

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जयनगर : शासन-प्रशासन को धता बताते हुए बालू माफिया एक बार फिर चांदी कूटने में लग गये है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रतिबंध के बावजूद प्रखंड के विभिन्न घाटों से इन दिनों धड़ल्ले से बालू का उठाव हो रहा है. बालू खनन में जेसीबी समेत अन्य मशीन का प्रयोग किया जा रहा है. ठोस […]

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जयनगर : शासन-प्रशासन को धता बताते हुए बालू माफिया एक बार फिर चांदी कूटने में लग गये है. नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के प्रतिबंध के बावजूद प्रखंड के विभिन्न घाटों से इन दिनों धड़ल्ले से बालू का उठाव हो रहा है. बालू खनन में जेसीबी समेत अन्य मशीन का प्रयोग किया जा रहा है. ठोस कार्रवाई नहीं होने से बालू माफियाओं के हौसले बढ़ते जा रहे है.

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यही नहीं प्रशासनिक छापेमारी के नाम पर महज खानापूर्ति हो रही है. दो चार दिन में दो-चार ट्रैक्टर जब्त किये जा रहे है. यह कार्रवाई बालू लूट को रोकने के लिए पर्याप्त नहीं है. कार्रवाई को लेकर घाट तक पदाधिकारी नहीं पहुंचते, जबकि तमाय समेत अन्य घाटों पर देर रात को जेसीबी व पोकलेन मशीन से बालू को ट्रैक्टर पर लोड किया जाता है. सैकड़ों ट्रैक्टर देर रात से अहले सुबह तक बालू ढो रहे है.
माॅनसून के मद्देनजर एनजीटी का सख्त निर्देश है कि 15 अक्तूबर तक नदियों से बालू का उठाव नहीं होगा. जबकि इस कारोबार से जुड़े माफियाओं पर एनजीटी के आदेश का कोई असर नहीं है और बालू का उठाव बदस्तूर जारी है. प्रखंड के कई इलाकों में नदी से बालू उठा कर डंप किया जा रहा है. सोनपुरा उत्क्रमित उवि के पीछे पाइप लाइन रोड के किनारे बालू का डंप है. इसके अलावा गेडे मैदान में भी बालू डंप किया गया है.
बालू उठाव से जलस्तर व खेती हो रही प्रभावित: लगातार बालू उठाव से जहां एक ओर नदियों का अस्तित्व खतरे में है, वहीं दूसरी ओर नदी व आसपास के इलाकों का जलस्तर पाताल छू रहा है. जयनगर व परसाबाद में जलमीनार रहने के बावजूद बालू उठाव के असर से जलापूर्ति अक्सर बाधित रहती है, जिससे लोगों के समक्ष पेयजल का भी संकट है.
पहले किसान बराकर नदी के किनारे गेहूं की खेती करते थे, मगर पिछले कई वर्षो से पानी की कमी, नदी का कटाव व बालू के उठाव के कारण किसानों ने गेहूं की खेती बंद कर दी है. फिलहाल परसाबाद दुमदुमा घाट, तिलोकरी घाट, महुआटांड़ घाट, बिहारो घाट, जयनगर अक्तो नदी, चेहाल, चंद्रपुर, करियावां, धरेयडीह, बिगहा, केशो नदी, हरहारो नदी, कांको गोखाने नदी से बालू का उठाव हो रहा है.
कई बार की शिकायत, पर नहीं हुई ठोस कार्रवाई: मुखिया : तमाय पंचायत के मुखिया लक्ष्मण यादव ने कहा कि क्या करें मना करने पर भी कोई नहीं मानता. कई बार संबंधित विभाग के पदाधिकारियों व जिले के उच्चाधिकारियों से शिकायत की. मगर कारगर कार्रवाई नहीं होने से बालू का उठाव जारी है. उन्होंने कहा कि बालू उठाव के कारण जल संकट बढ़ता जा रहा है. वहीं खेती भी प्रभावित हो रही है.

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