महिला किसानों की बढ़ेगी कमाई, झारखंड में 25 करोड़ की नई योजना, जानें हर जिले से कितनी महिलाओं का होगा चयन
खेत में काम करती महिला किसान
झारखंड में महिला किसानों की आय बढ़ाने के लिए महिला किसान खुशहाली योजना शुरू करने की तैयारी है. 25 करोड़ रुपये का बजट, हर जिले से 70 महिलाओं को समेकित खेती से जोड़ने का लक्ष्य.
रांची. झारखंड में खेती से जुड़ी महिलाओं की आमदनी बढ़ाने और उन्हें आधुनिक कृषि तकनीक व बेहतर बाजार उपलब्ध कराने के लिए राज्य सरकार महिला किसान खुशहाली योजना शुरू करने की तैयारी में है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 25 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है. योजना के तहत महिला किसानों को समेकित खेती से जोड़ने के साथ उनके उत्पादों को ऑफलाइन और ऑनलाइन बाजार से जोड़ने की तैयारी है.
हर जिले से 70 महिला किसानों का होगा चयन
योजना के शुरुआती चरण में राज्य के प्रत्येक जिले से 70 महिला किसानों को चिन्हित करने की बात कही गयी है. इस तरह राज्य के 24 जिलों से कुल 1680 महिला किसानों को योजना से जोड़ने का लक्ष्य है. इन महिलाओं को समेकित खेती के मॉडल से जोड़कर बेहतर आय के लिए तैयार किया जायेगा.
समेकित खेती में खेती के साथ कृषि से जुड़ी दूसरी गतिविधियों को भी जोड़ने पर जोर रहेगा. इसका उद्देश्य केवल फसल उत्पादन तक सीमित रहने के बजाय महिला किसानों के लिए आय के एक से अधिक स्रोत तैयार करना है.
आधुनिक तकनीक और बाजार तक पहुंच पर जोर
महिला किसान खुशहाली योजना के तहत आधुनिक कृषि तकनीक उपलब्ध कराने के साथ किसानों को बाजार से जोड़ने की योजना है. इसके लिए ऑफलाइन और ऑनलाइन मार्केटिंग प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया जायेगा. इससे महिला किसानों को अपने उत्पादों के लिए बेहतर बाजार तलाशने और सीधे खरीदारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है.
राज्य सरकार की ओर से योजना को अंतिम रूप देने से पहले संबंधित विशेषज्ञों और हितधारकों से सुझाव भी लिये गये हैं. 3 सितंबर को रांची में राज्यस्तरीय कार्यशाला आयोजित की गयी थी. इसमें बिरसा कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्रों और गैर सरकारी संगठनों से जुड़े विशेषज्ञों ने हिस्सा लिया.
पांच साल में मॉडल फार्मर तैयार करने का लक्ष्य
योजना के तहत महिला किसानों को केवल आर्थिक सहायता देने के बजाय उन्हें खेती के आधुनिक तौर-तरीकों से जोड़कर मॉडल फार्मर के रूप में विकसित करने की योजना है. उपलब्ध जानकारी के अनुसार अगले पांच वर्षों में 1680 महिला किसानों को इस दिशा में तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है.
योजना में आदिवासी, पिछड़े और सामाजिक रूप से वंचित वर्ग की महिला किसानों को प्राथमिकता देने का प्रस्ताव भी सामने आया है. हालांकि पात्रता, चयन प्रक्रिया और लाभ की अंतिम शर्तों को लेकर विस्तृत दिशा-निर्देश योजना के अंतिम प्रारूप के बाद ही स्पष्ट होंगे.
25 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान
कृषि मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की के अनुसार महिला किसान खुशहाली योजना के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 25 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है. सरकार का जोर ऐसी व्यवस्था तैयार करने पर है, जिससे महिला किसानों को आधुनिक तकनीक, प्रशिक्षण, खेती के बेहतर मॉडल और बाजार उपलब्ध कराया जा सके.
कार्यशाला में मिले सुझावों और विशेषज्ञों की राय को योजना के अंतिम प्रारूप में शामिल किया जायेगा. इसके बाद योजना के क्रियान्वयन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी. इसलिए अभी यह स्पष्ट नहीं है कि प्रत्येक लाभुक महिला को सीधे कितनी राशि मिलेगी और आवेदन की प्रक्रिया क्या होगी.
सरकार की तैयारी, अब अंतिम प्रारूप का इंतजार
महिला किसान खुशहाली योजना को राज्य में महिला किसानों की आय बढ़ाने की पहल के तौर पर देखा जा रहा है. खेती में महिलाओं की बड़ी भूमिका होने के बावजूद उन्हें तकनीक, बाजार और वित्तीय संसाधनों तक समान पहुंच नहीं मिल पाती है. ऐसे में योजना के माध्यम से उत्पादन के साथ प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और बाजार से जोड़ने पर जोर दिया जाता है, तो इससे महिला किसानों की आय के नए अवसर बन सकते हैं.
क्या अभी तय नहीं है:
- प्रत्येक महिला किसान को मिलने वाली निश्चित राशि
- आवेदन की अंतिम प्रक्रिया
- पात्रता की विस्तृत शर्तें
- जिलेवार चयन की प्रक्रिया
- योजना के तहत मिलने वाले प्रशिक्षण और संसाधनों का पूरा विवरण
इन बिंदुओं की जानकारी योजना का अंतिम प्रारूप जारी होने के बाद स्पष्ट होगी.
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