झारखंड के कौन-कौन से सरकारी स्कूल 100 साल से ज्यादा पुराने? विभाग जुटा रहा इतिहास
जिला स्कूल रांची की फाइल फोटो
झारखंड में 100 साल से अधिक पुराने सरकारी स्कूलों की पहचान की जा रही है। विभाग ऐतिहासिक स्कूलों की सूची जुटा रहा है। जानें इस पहल के बारे में.
रांची. झारखंड में 100 साल से अधिक पुराने सरकारी विद्यालयों की पहचान की जायेगी. स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने इस दिशा में पहल करते हुए सभी जिलों से ऐसे विद्यालयों की सूची मांगी है. जिला शिक्षा पदाधिकारियों (डीइओ), जिला शिक्षा अधीक्षकों (डीएसइ) और प्रमंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशकों को निर्धारित प्रपत्र में जानकारी उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है.
विभाग की ओर से जारी पत्र के अनुसार, विद्यालयों की पहचान के लिए एक सप्ताह का समय दिया गया था. इसमें स्कूलों के स्थापना वर्ष, उससे संबंधित दस्तावेज और ऐतिहासिक महत्व की जानकारी जुटाने को कहा गया है. हालांकि, संबंधित पत्र पर 13 अक्टूबर 2025 की तारीख दर्ज है. इस संबंध में विभाग की ओर से वर्तमान में कोई नया निर्देश जारी हुआ है या नहीं, इसकी पुष्टि की जानी बाकी है.
स्थापना वर्ष से लेकर ऐतिहासिक महत्व तक की जानकारी मांगी
विभाग ने पुराने विद्यालयों की पहचान के लिए एक निर्धारित प्रपत्र तैयार किया है. इसमें जिले का नाम, विद्यालय का नाम, यूडायस कोड और स्थापना वर्ष की जानकारी देनी होगी. इसके अलावा विद्यालय की स्थापना से संबंधित अभिलेख या साक्ष्य उपलब्ध होने पर उनका विवरण भी देना होगा.
प्रपत्र में विद्यालय के संक्षिप्त इतिहास, ऐतिहासिक महत्व और अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख करने को कहा गया है. संबंधित अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से प्रतिवेदन भेजने का निर्देश दिया गया था. पत्र की प्रति सभी जिलों के उपायुक्तों को भी सूचनार्थ भेजी गयी थी.
पुराने स्कूलों के इतिहास को सहेजने की पहल
पुराने सरकारी विद्यालय राज्य की शैक्षणिक यात्रा और सामाजिक बदलाव के महत्वपूर्ण साक्षी रहे हैं. ऐसे संस्थानों की पहचान होने पर उनकी स्थापना, पुराने दस्तावेजों और शैक्षणिक योगदान से जुड़ी जानकारी एकत्र की जा सकेगी. इससे इन विद्यालयों के इतिहास को व्यवस्थित रूप से दर्ज करने में मदद मिल सकती है.
सूत्रों के अनुसार, पुराने और ऐतिहासिक महत्व वाले विद्यालयों को हेरिटेज स्कूल के रूप में विकसित करने तथा उनके संरक्षण की योजना पर विचार किया जा रहा है. हालांकि, इस योजना को लेकर अभी आधिकारिक घोषणा होने की पुष्टि नहीं है.
जिलों से सूची मिलने के बाद स्पष्ट होगी तस्वीर
जिलों से जानकारी एकत्र होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि झारखंड में 100 वर्ष से अधिक पुराने सरकारी विद्यालयों की संख्या कितनी है और किन जिलों में ऐसे संस्थान मौजूद हैं. स्थापना से जुड़े दस्तावेजों और ऐतिहासिक तथ्यों के सत्यापन के बाद इन विद्यालयों की पहचान अधिक स्पष्ट हो सकेगी.
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