गुरुजी बनेंगे ‘नजर के रखवाले’, स्कूलों में होगी बच्चों की आंखों की जांच
जानकारी देते प्रशिक्षक | Prabhat Khabar Network
बच्चों में नेत्र समस्याओं की प्रारंभिक पहचान के लिए स्कूलों में शिक्षकों को प्रशिक्षित किया गया. समय पर इलाज से दृष्टि रहेगी सुरक्षित .
प्रतिनिधि, नारायणपुर. राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम की जामताड़ा जिला इकाई के सौजन्य से सोमवार को नारायणपुर प्लस टू उच्च विद्यालय परिसर में एक दिवसीय प्रशिक्षण आयोजित किया गया. इसमें विभिन्न विद्यालयों के शिक्षकों को बच्चों में नेत्र संबंधी समस्याओं की प्रारंभिक पहचान और जांच के लिए प्रशिक्षित किया गया.
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शिक्षकों को बताया गया कार्यक्रम का उद्देश्य
प्रशिक्षण में जामताड़ा अस्पताल के नेत्र सहायक जितेंद्र कुमार वर्मा एवं निरंजन कुमार केसरी मुख्य रूप से मौजूद रहे. उन्होंने शिक्षकों को राष्ट्रीय अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम के उद्देश्यों और इसके तहत किये जाने वाले कार्यों की जानकारी दी.
शिक्षकों को बताया गया कि अब विद्यालय स्तर पर बच्चों की आंखों से संबंधित समस्याओं की प्रारंभिक जांच की जायेगी. इसके लिए शिक्षक बच्चों में दिखाई देने वाले नेत्र संबंधी लक्षणों की पहचान कर सकेंगे.
समस्या मिलने पर विशेषज्ञ चिकित्सक करेंगे जांच
प्रशिक्षण के दौरान बताया गया कि जांच में किसी बच्चे में नेत्र संबंधी परेशानी या गंभीर समस्या के लक्षण मिलने पर इसकी जानकारी जिला अंधापन नियंत्रण कार्यक्रम को दी जायेगी. इसके बाद संबंधित बच्चे की आवश्यकता के अनुसार विशेषज्ञ चिकित्सकों से जांच कराकर समुचित उपचार की व्यवस्था की जायेगी.

समय पर पहचान से सुरक्षित रहेगी बच्चों की दृष्टि
प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य बच्चों में आंखों से जुड़ी समस्याओं की समय रहते पहचान करना और उनकी दृष्टि को सुरक्षित रखना है. अधिकारियों ने कहा कि शुरुआती स्तर पर नेत्र संबंधी परेशानी की पहचान होने से समय पर उपचार संभव होगा और समस्या को गंभीर रूप लेने से रोका जा सकेगा.
मौके पर शिक्षक रंजीत कुमार सिंह, पशुपति तूरी, राजकुमार मंडल, अरविंद वर्मा समेत विभिन्न विद्यालयों के शिक्षक मौजूद रहे.
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