झारखंड: जब डीसी ने शिक्षिका बनकर ली बच्चों की क्लास, पूछे आसान सवाल, बोली- प्रैक्टिकल नॉलेज ज्यादा जरूरी

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कल पूर्वी सिंहभूम की डीसी विजया जाधव शिक्षिका बन बच्चों की क्लास ली. इसी बीच उन्होंने विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया और फिर बच्चों से कुछ सवाल पूछे. उन्होंने व्यावहारिक शिक्षा की बात पर जोर दिया.

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जमशेदपुर : पूर्वी सिंहभूम की उपायुक्त विजया जाधव ने छात्राओं के लिए मंगलवार को चाक और डस्टर पकड़ लिया. मौका था शिक्षा विभाग की मासिक समीक्षात्मक बैठक का और स्थान कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय सुंदरनगर. बैठक से पहले ही उपायुक्त विजया जाधव अचानक विद्यालय की छात्राओं के बीच पहुंच गयीं और उनसे बातचीत करने लगीं.

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इसी बीच उन्होंने विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण किया. इसके बाद छात्राओं से उन्होंने कुछ सवाल भी पूछे और खुद जवाब भी दिये. उन्होंने इकॉनोमिक्स की क्लास शुरू कर दी, जिसमें उन्होंने इकोनॉमिक्स से जुड़ी जानकारी देने के साथ ही छात्राओं को संबोधित करते हुए व्यावहारिक शिक्षा पर बल दिया. उन्होंने कहा कि किताबी ज्ञान से ज्यादा जरूरी है कि बच्चों को व्यावहारिक शिक्षा मिले, ताकि वे बाहरी दुनिया में खुद को स्थापित कर सकें.

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साथ ही विपरीत परिस्थितियों में भी अनुकूलता बनाये रखने में सफल हों. उपायुक्त ने विशेष तौर पर साफ-सफाई, मेंसट्रूअल हाइजीन, गुड टच-बैड टच को लेकर कहा कि स्कूल में जहां बच्चे अपने जीवन का कीमती समय व्यतीत करते हैं, वहां सिर्फ किताबी ज्ञान देना बेमानी होगी. बच्चों के समग्र मानसिक एवं शारीरिक विकास का भी ध्यान रखना सभी की जिम्मेदारी है. इस दौरान डीडीसी प्रदीप प्रसाद व अन्य मौजूद थे.

Posted By: Sameer Oraon

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