शिक्षा का व्यवसायीकरण हो गया है अब : सरयू राय
Author Prabhat khabar digital desk
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जमशेदपुर : मंत्री सरयू राय ने पत्रकारों से विशेष बातचीत करते हुए कहा कि पहले पाठ्य पुस्तकों से महान लोग व प्रेरक लोगों की बातें रहती थी. अभी नहीं रह रहे हैं. पुस्तकों में प्राचीन साहित्य के प्रसंग रहने चाहिए. जरूरत पड़े, तो अलग से उसकी पढ़ाई होनी चाहिए. पुस्तकें हर साल बदल रही है. […]
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जमशेदपुर : मंत्री सरयू राय ने पत्रकारों से विशेष बातचीत करते हुए कहा कि पहले पाठ्य पुस्तकों से महान लोग व प्रेरक लोगों की बातें रहती थी. अभी नहीं रह रहे हैं. पुस्तकों में प्राचीन साहित्य के प्रसंग रहने चाहिए. जरूरत पड़े, तो अलग से उसकी पढ़ाई होनी चाहिए. पुस्तकें हर साल बदल रही है. पहले एक ही किताब से पूरा घर पढ़ लेता था.
बेिसक जानकारी वाली किताबों को नहीं बदलना चाहिए. जब से शिक्षा का व्यवसाय हो गया है, तब से ये कमी दिखने लगी है. अब तो शिक्षा का व्यवसायीकरण काफी तेजी से बढ़ रहा है. सरकार हाथ पीछे खींच रही है. निजी क्षेत्र के लोग विश्वविद्यालय तक खोल रहे हैं. पहले विवि का महत्व रहता था. एक समय विवि के कुलपति कहीं जाते थे, तो उस क्षेत्र के आयुक्त उनका स्वागत करते थे. थोक के भाव से विवि बन रहे हैं. समाज कल्याण व शिक्षा के क्षेत्र में सरकार को हाथ नहीं खिंचना चाहिए.
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