Godda News - तीन दिन से ऑक्सीजन प्लांट खराब, गंदगी और पान-गुटखे के दाग से सदर अस्पताल बेहाल
AI-generated सांकेतिक तस्वीर
गोड्डा सदर अस्पताल में ऑक्सीजन प्लांट तीन दिन से बंद. गंदगी और पान-गुटखे के दाग से मरीजों की परेशानी बढ़ी. तत्काल पहल की मांग.
गोड्डा: गोड्डा स्वास्थ्य व्यवस्था का प्रमुख केंद्र माने जाने वाले सदर अस्पताल में इन दिनों अव्यवस्था को लेकर मरीजों और उनके परिजनों में नाराजगी है. अस्पताल का ऑक्सीजन प्लांट पिछले तीन दिनों से खराब पड़ा है. इसके कारण आपात स्थिति में अस्पताल प्रशासन को भागलपुर और देवघर से ऑक्सीजन सिलेंडर रिफिल कराकर मंगाना पड़ रहा है. हालांकि, अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि प्लांट की खराबी की जानकारी इंजीनियरों की टीम को दे दी गयी है और जल्द ही इसकी मरम्मत कर इसे चालू करा दिया जाएगा. ऑक्सीजन प्लांट के खराब रहने से गंभीर मरीजों और सांस संबंधी परेशानी वाले रोगियों के उपचार में अतिरिक्त सतर्कता बरतनी पड़ रही है. मरीजों के परिजनों का कहना है कि बाहर से ऑक्सीजन सिलेंडर मंगाने की व्यवस्था पर निर्भरता के कारण उन्हें हर समय किसी अनहोनी की चिंता बनी रहती है. उनका कहना है कि अस्पताल में ऑक्सीजन की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए खराब प्लांट को शीघ्र दुरुस्त किया जाना चाहिए.
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ऑक्सीजन प्लांट के साथ सफाई व्यवस्था पर भी सवाल
अस्पताल की समस्या केवल ऑक्सीजन प्लांट तक सीमित नहीं है. स्वच्छता व्यवस्था को लेकर भी मरीजों और उनके परिजनों ने सवाल उठाये हैं. अस्पताल परिसर स्थित ब्लड बैंक के पीछे तथा चिकित्सकों के आवास के समीप जगह-जगह कचरा जमा होने की शिकायत है. खुले में कचरा पड़े रहने से दुर्गंध फैल रही है, जिससे मरीजों, उनके परिजनों और अस्पताल परिसर में रहने वाले चिकित्सकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. मरीजों के परिजनों का कहना है कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर नियमित सफाई और कचरे का उचित निस्तारण बेहद जरूरी है. गंदगी के कारण संक्रमण का खतरा भी बढ़ सकता है.
लिफ्ट में पान-गुटखा थूकने की शिकायत
सदर अस्पताल की लिफ्ट में मरीजों और उनके परिजनों द्वारा पान-गुटखा खाकर थूकने की शिकायत भी सामने आ रही है. लिफ्ट की दीवारों और कोनों पर पान-गुटखे के लाल दाग दिखाई दे रहे हैं. इससे अस्पताल की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित हो रही है. चिकित्सकों के अनुसार, अस्पताल परिसर में खुले स्थानों अथवा लिफ्ट के अंदर थूकना स्वच्छता की दृष्टि से गंभीर लापरवाही है. इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ सकता है. अस्पताल में पहले से बीमार और कमजोर रोग प्रतिरोधक क्षमता वाले मरीज रहते हैं, इसलिए स्वच्छता के प्रति विशेष सावधानी बरतना आवश्यक है.
खराब प्लांट और गंदगी पर तत्काल पहल की मांग
अस्पताल परिसर में फैली गंदगी और ऑक्सीजन प्लांट के खराब रहने को लेकर मरीजों के परिजनों तथा स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन से तत्काल पहल की मांग की है. लोगों ने खराब ऑक्सीजन प्लांट की शीघ्र मरम्मत कराने, अस्पताल परिसर में नियमित सफाई व्यवस्था सुनिश्चित करने और लिफ्ट में पान-गुटखा थूकने वालों के खिलाफ सख्ती बरतने की मांग की है.
‘प्लांट की शीघ्र मरम्मत कर चालू करा दिया जाएगा’
सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. तारा शंकर झा ने बताया कि ऑक्सीजन प्लांट तीन दिन पूर्व खराब हुआ है. इसकी जानकारी इंजीनियरों की टीम को दे दी गयी है. टीम के जल्द पहुंचने की संभावना है और प्लांट की मरम्मत कर शीघ्र चालू करा दिया जाएगा. उन्होंने आम लोगों और मरीजों के परिजनों से अस्पताल परिसर में स्वच्छता बनाये रखने में सहयोग करने की अपील की.
डॉ. तारा शंकर झा ने कहा कि “सदर अस्पताल में लगा ऑक्सीजन प्लांट तीन दिन पूर्व खराब हो गया है. इसकी जानकारी मिलते ही इंजीनियरों की टीम को सूचित कर दिया गया है. टीम के जल्द ही पहुंचने की संभावना है. प्लांट की शीघ्र मरम्मत कर उसे पुनः चालू करा दिया जाएगा. आम जनता और मरीजों के परिजनों से अपील है कि स्वच्छता बनाये रखना केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी कर्तव्य है. अस्पताल को स्वच्छ और संक्रमणमुक्त रखने में प्रशासन का सहयोग करें.”
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