लाखों का स्टेडियम बना खंडहर:कमरे-शौचालय जर्जर, चारदीवारी ध्वस्त
धनकोल स्टेडियम की जर्जर तस्वीर| Prabhat Khabar Network
धनकोल का लाखों की लागत से बना स्टेडियम बदहाल. कमरे-शौचालय खंडहर, चारदीवारी ध्वस्त. खेल प्रतिभाओं के मंच का बुरा हाल.
प्रतिनिधि, ठाकुरगंगटी. प्रखंड के चपरी पंचायत अंतर्गत धनकोल में लाखों रुपये की लागत से बना स्टेडियम इन दिनों बदहाली की तस्वीर पेश कर रहा है. पूर्व विधायक राजेश रंजन के कार्यकाल में वर्ष 2010 में निर्मित यह स्टेडियम देखरेख के अभाव में धीरे-धीरे जर्जर होकर अपना अस्तित्व खोता जा रहा है. जिस उद्देश्य से स्टेडियम का निर्माण कराया गया था, वह उद्देश्य भी पूरी तरह से धरातल पर उतरता नजर नहीं आ रहा है.
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निर्माण के समय आकर्षण का केंद्र था स्टेडियम
मोपहाड़ी परिक्षेत्र की मनोरम वादियों के बीच बना यह स्टेडियम निर्माण के समय क्षेत्र के लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र हुआ करता था. ग्रामीणों को उम्मीद थी कि स्टेडियम के माध्यम से स्थानीय बच्चों और खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधा मिलेगी और क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. लेकिन समय के साथ रखरखाव के अभाव में यह उम्मीद धूमिल होती चली गई.
छह कमरे और शौचालय बने खंडहर
स्टेडियम परिसर में निर्माण के समय छह कमरे और शौचालय बनाए गए थे. वर्तमान में सभी कमरे और शौचालय जर्जर होकर खंडहर में तब्दील हो चुके हैं. दरवाजे और खिड़कियां गायब हैं. परिसर की उत्तरी दिशा में बनी चारदीवारी का एक हिस्सा भी ध्वस्त हो चुका है. पूरे परिसर में पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं है और शौचालय भी उपयोग के लायक नहीं हैं.
कमरों में रखी जा रही जलावन
देखरेख के अभाव का आलम यह है कि ग्रामीण अब स्टेडियम के जर्जर कमरों का इस्तेमाल जलावन रखने के लिए कर रहे हैं. खेल गतिविधियों के लिए बनाए गए परिसर का इस तरह उपयोग होना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. ग्रामीणों का कहना है कि स्टेडियम की सुध लेने वाला कोई नहीं है.
खेल आयोजन के बाद भी नहीं बदली तस्वीर
स्टेडियम में खेल आयोजन भी हुए, लेकिन खिलाड़ियों को इसका स्थायी लाभ नहीं मिल सका. मूलभूत सुविधाओं के अभाव और जर्जर भवन के कारण यह स्टेडियम वर्तमान में किसी काम का नहीं रह गया है. सुदूरवर्ती क्षेत्र में इतनी बड़ी लागत से तैयार किए गए इस खेल परिसर की यह स्थिति सरकारी योजनाओं के रखरखाव पर भी सवाल खड़े करती है.
जीर्णोद्धार से मिल सकता है खिलाड़ियों को मंच
स्थानीय ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से स्टेडियम का जल्द जीर्णोद्धार कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि स्टेडियम की मरम्मत के साथ पेयजल, शौचालय, चारदीवारी और अन्य मूलभूत सुविधाएं बहाल की जाएं, तो क्षेत्र के बच्चों और स्थानीय खिलाड़ियों को इसका लाभ मिल सकता है. ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन पहल कर इस खेल परिसर को फिर से उपयोगी बनाएगा, ताकि सुदूर क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का मंच मिल सके.
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