झारखंड-बिहार बॉर्डर का भलजोर पुल जर्जर;भारी वाहनों की नो-एंट्री हुई तो बदल जाएगा गोड्डा-भागलपुर रूट
जर्जर पुल से बढ़ी चिंता.| Prabhat Khabar Network
भलजोर पुल जर्जर हालत में, नए गार्डर लगाने का काम शुरू. भारी वाहनों पर रोक की संभावना से ट्रांसपोर्टरों की बढ़ी चिंता.वैकल्पिक मार्गों की तैयारी.
प्रतिनिधि, पोड़ैयाहाट : झारखंड और बिहार को जोड़ने वाले हंसडीहा-भागलपुर मुख्य मार्ग पर स्थित भलजोर पुल की जर्जर स्थिति ने प्रशासन और ट्रांसपोर्टरों की चिंता बढ़ा दी है. पोड़ैयाहाट और बौंसी थाना क्षेत्र की सीमा पर स्थित इस पुल पर सुरक्षा के मद्देनजर नए गार्डर लगाने का काम शुरू किया गया है. पुल की स्थिति को देखते हुए जल्द ही भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाये जाने की संभावना है. हालांकि, अंतिम निर्णय पुल की मजबूती की जांच के बाद लिया जाएगा.
वर्षों से मरम्मत की मांग, अब शुरू हुआ काम
बताया जा रहा है कि भलजोर पुल पिछले कई वर्षों से मरम्मत की मांग कर रहा था. हंसडीहा-भागलपुर मुख्य मार्ग पर लगातार भारी वाहनों के आवागमन के कारण पुल के पिलर और स्लैब में दरारें आने की बात सामने आयी है. बरसात के मौसम में पुल की स्थिति और खराब हो गयी है. स्थानीय लोगों ने कई बार संबंधित विभाग को पुल की स्थिति से अवगत कराया था. अब जाकर विभाग ने इसकी सुध ली है और पुल पर नए गार्डर लगाने का काम शुरू किया गया है.
फिलहाल पुल पर बैरिकेडिंग कर दी गयी है और निगरानी बढ़ा दी गयी है. अधिकारियों के अनुसार गार्डर लगाने का काम पूरा होने के बाद पुल की मजबूती की जांच की जाएगी. जांच के बाद ही भारी वाहनों के आवागमन पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा.
भारी वाहनों पर रोक लगी तो ट्रांसपोर्टरों की बढ़ेगी परेशानी
हंसडीहा-भागलपुर मार्ग गोड्डा और भागलपुर के बीच आवागमन का महत्वपूर्ण मार्ग है. रोजाना बड़ी संख्या में ट्रक, बस और अन्य बड़े वाहन इसी रास्ते से गुजरते हैं. ऐसे में यदि भलजोर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोक दी जाती है, तो ट्रांसपोर्टरों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है.
गोड्डा से भागलपुर जाने वाले मालवाहक वाहनों को वैकल्पिक मार्ग से लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी. इससे समय और ईंधन की खपत बढ़ेगी. इसका सीधा असर माल ढुलाई की लागत पर पड़ सकता है और माल भाड़ा भी बढ़ने की संभावना है.
ट्रांसपोर्टर संघ ने मांगी वैकल्पिक व्यवस्था
स्थानीय ट्रांसपोर्टर संघ के अध्यक्ष ने कहा कि अगर भलजोर पुल पर भारी वाहनों का आवागमन बंद किया जाता है, तो ट्रांसपोर्ट कारोबार प्रभावित होगा. उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पुल पर रोक लगाने की स्थिति में जल्द से जल्द वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि मालवाहक वाहनों का परिचालन पूरी तरह बाधित नहीं हो.
यातायात के लिए दो वैकल्पिक मार्गों की योजना
भलजोर पुल पर भारी वाहनों का परिचालन प्रभावित होने की स्थिति में प्रशासन की ओर से दो वैकल्पिक मार्गों की योजना बनायी गयी है. इन मार्गों से यातायात को डायवर्ट किया जा सकता है.
पहला वैकल्पिक मार्ग
दुमका जिले के हंसडीहा से गोड्डा के पोड़ैयाहाट, सुग्गा बथान, अडानी मोतिया और पंजवारा होते हुए भागलपुर पहुंचा जा सकता है. इस मार्ग का इस्तेमाल भारी वाहनों के लिए वैकल्पिक रास्ते के रूप में किया जा सकता है.
दूसरा वैकल्पिक मार्ग
दूसरे विकल्प के तौर पर हंसडीहा से महगामा हाईवे होते हुए भागलपुर की ओर जाने का मार्ग प्रस्तावित है. भलजोर पुल पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की स्थिति में इन दोनों मार्गों का इस्तेमाल किया जा सकता है.
बैरिकेडिंग के साथ बढ़ायी गयी निगरानी
पुल की जर्जर स्थिति को देखते हुए फिलहाल बैरिकेडिंग कर दी गयी है. पुल पर निगरानी भी बढ़ायी गयी है. गार्डर लगाने के बाद तकनीकी स्तर पर पुल की मजबूती की जांच की जाएगी. इसके बाद ही यह तय होगा कि भारी वाहनों को पुल से गुजरने की अनुमति दी जाए या नहीं.
स्थानीय लोगों में आक्रोश, समय पर मरम्मत नहीं होने का आरोप
भलजोर पुल के जर्जर होने की खबर सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भी नाराजगी है. लोगों का कहना है कि पुल की स्थिति लंबे समय से खराब थी और इसकी मरम्मत की मांग लगातार की जाती रही. स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि वर्षों से टेंडर और मरम्मत के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती रही. उनका कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत और देखरेख पर ध्यान दिया जाता, तो आज ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती.
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