15 अगस्त के बाद नहीं हो सकती रोपनी

गालूडीह : घाटशिला प्रखंड के लगभग 11,500 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती होती है. कृषि विभाग के आंकड़े को अगर सही माने तो अब तक इसमें से लगभग साढ़े सात हजार हेक्टेयर में रोपनी हो चुकी है. अभी रोपनी का 15 अगस्त तक का समय है. इस दौरान घाटशिला प्रखंड में करीब साठ प्रतिशत […]
गालूडीह : घाटशिला प्रखंड के लगभग 11,500 हेक्टेयर भूमि में धान की खेती होती है. कृषि विभाग के आंकड़े को अगर सही माने तो अब तक इसमें से लगभग साढ़े सात हजार हेक्टेयर में रोपनी हो चुकी है. अभी रोपनी का 15 अगस्त तक का समय है. इस दौरान घाटशिला प्रखंड में करीब साठ प्रतिशत रोपनी हो जायेगी. ऐसा कृषि विभाग का दावा है.
हालांकि जब तक पानी नहीं हुई थी तब तक सुखाड़ की स्थिति थी. चारा बूढ़ा हो रहा था. खेत सूखे थे. किसान हाथ पर हाथ धरे बैठे थे. अब जब बारिश हुई, तो किसान दिन रात खेत में ही नजर आ रहे हैं. कम समय में अधिक रोपनी किसान कर रहे हैं.
रोपनी का ऐसे सही समय 15 अगस्त तक ही है. इसके बाद रोपनी नहीं हो सकती. होगी तो उत्पादन नहीं होगा. दारीसाई अनुसंधान केंद्र के कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार देर से परंतु दुरूस्त बारिश हुई है. इससे खेती हो जायेगी.
हालांकि देर से बारिश होने से कुछ चारा बूढ़ा हुआ है. इससे उत्पादन तो घटेगा, परंतु खेत परती नहीं रहेगी. किसान सुबह से शाम तक खेत में रह रहे हैं. देर शाम तक खेतों में ट्रैक्टर चलता मिल रहा है.
किसानों का कहना है कि समय हाथ से निकल रहा है.अब और देर करेंगे धान नहीं सिर्फ पुआल मिलेगा.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










