मिथिलेश यादव हत्याकांड के खुलासे से असंतुष्ट ग्रामीणों ने निकाला आक्रोश मार्च

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आक्रोश मार्च में शामिल महिलाएं व अन्य. | Prabhat Khabar Network

हेसला गांव के मिथिलेश यादव हत्याकांड के खुलासे के बाद भी ग्रामीणों का गुस्सा शांत नहीं हुआ है. उन्होंनेCID जांच और मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी की मांग को लेकर आक्रोश मार्च निकाला.

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हेसला गांव के सामाजिक कार्यकर्ता मिथिलेश यादव हत्याकांड का पुलिस द्वारा उद्भेदन किये जाने के बाद भी ग्रामीणों का आक्रोश शांत नहीं हुआ है. पूर्व घोषित कार्यक्रम के तहत रविवार को बगोदर बाजारटांड़ से ग्रामीणों ने आक्रोश मार्च निकाला. मार्च में बड़ी संख्या में महिलाएं और हेसला गांव के ग्रामीण शामिल हुए. इस दौरान पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गयी. ग्रामीणों ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी और मामले की सीआइडी जांच कराने की मांग की.

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बाजारटांड़ से बस पड़ाव तक निकला मार्च

आक्रोश मार्च पुरानी जीटी रोड स्थित बाजारटांड़ से शुरू हुआ और नीचे बाजार होते हुए बगोदर बस पड़ाव पहुंचा. इस दौरान प्रदर्शनकारी ‘मिथिलेश यादव के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार करो’, ‘पुलिस प्रशासन होश में आओ’, ‘आरोपियों को संरक्षण देना बंद करो’ और ‘पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद’ जैसे नारे लगा रहे थे. बस पड़ाव पहुंचने के बाद मार्च नुक्कड़ सभा में तब्दील हो गया.

पुलिस की कार्रवाई से ग्रामीण असंतुष्ट

सभा में वक्ताओं ने कहा कि पुलिस ने हत्याकांड का खुलासा तो कर दिया है, लेकिन ग्रामीण इस कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं. ग्रामीणों का आरोप है कि हत्या का मास्टरमाइंड कोई और है और उसे पुलिस संरक्षण दे रही है. प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की.

तीन प्रमुख मांगें रखीं

नुक्कड़ सभा में ग्रामीणों ने तीन प्रमुख मांगें रखीं. पहली, मिथिलेश यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपी को गिरफ्तार किया जाए. दूसरी, पूरे मामले की सीआइडी जांच करायी जाए. तीसरी, हेसला में घटनास्थल के समीप स्थित होटल को बंद कराया जाए. ग्रामीणों का आरोप है कि उक्त होटल में गलत गतिविधियों को बढ़ावा दिया जाता है.

भाजपा कार्यालय के सामने हुई सभा

मार्च के बाद बस पड़ाव स्थित भाजपा कार्यालय के चबूतरे पर सभा आयोजित की गयी. इसमें प्रखंड प्रमुख आशा राज, विधायक के पुत्र रवि महतो, महेश मिश्रा, जिप सदस्य रीता माथुर, जिप सदस्य दुर्गेश कुमार, मुखिया रामचंद्र यादव, मुखिया तुलसी महतो, दिनेश साहू, समाजसेवी मो. अमजद, छेदी यादव, धनजय सिंह, राजू सिंह, जितेंद्र महतो, ललिता कुमारी और बसारत अंसारी समेत बड़ी संख्या में महिला-पुरुष मौजूद थे.

अनुसंधान अभी जारी : एसडीपीओ

इस संबंध में बगोदर-सरिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने कहा कि हत्याकांड का अनुसंधान अभी जारी है. पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है.


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