Giridh nesws :42 पंचायतों में 45 हजार लाभुकों तक पहुंचेंगे 28 पंचायत सचिव
जमुआ प्रखंड में मंईयां सम्मान योजना की पारदर्शिता और सही लाभुकों को योजना से लाभान्वित करने के लिए प्रशासन ने कमर कस ली है. प्रखंड प्रशासन के निर्देशानुसार अब सभी पंचायत सचिव अपने-अपने क्षेत्रों में लाभुकों का घर-घर जाकर भौतिक सत्यापन करेंगे.
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य योजना में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है. जमुआ के बीडीओ अमलजी ने बताया कि जमुआ प्रखंड की 42 पंचायतों में मंईयां सम्मान योजना के 45 हजार लाभुक हैं. इसमें 28 पंचायत सचिव शामिल हैं. कहा कि क्षेत्र से मिली शिकायतों और आंतरिक समीक्षा के बाद मुख्य रूप से दो बिंदुओं पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है.
सरकारी नौकरी वाले परिवार की पहचान की जा रही
है
सरकारी नौकरी वाले ऐसे परिवारों की पहचान की जा रही है, जहां परिवार का कोई सदस्य सरकारी नौकरी में है या आयकरदाता है, जो इस योजना के नियमों के तहत अपात्र है. वैसी लाभुक जिनका हाल में आकस्मिक निधन हो गया है, उनका नाम सूची से हटाने और उनके खाते में जा रही राशि को रोकने के लिए सत्यापन किया जा रहा है.
पंचायत सचिवों को मिले कड़े निर्देश
बीडीओ द्वारा सभी पंचायत सचिवों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे बिना किसी लापरवाही के पूरी निष्पक्षता के साथ इस कार्य को पूरा करें. अधिकारियों का कहना है कि योजना का उद्देश्य अत्यंत गरीब और जरूरतमंद महिलाओं को आर्थिक संबल देना है. अगर कोई अपात्र व्यक्ति इसका लाभ ले रहा है या मृत्यु के बाद भी राशि की निकासी हो रही है, तो उसे तत्काल रोका जाएगा और नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
अपात्रता की स्थिति में कटेगा नाम
जांच के दौरान जो भी लाभुक योजना की शर्तों को पूरा नहीं करते पाये जायेंगे, उनका नाम तुरंत पोर्टल से हटाया जायेगा. पंचायत सचिवों को निर्देश दिया गया है कि वे अविलंब अपनी जांच रिपोर्ट प्रखंड मुख्यालय को सौंपें, ताकि डेटा को अपडेट किया जा सके. इस अभियान से जहां एक ओर फर्जीवाड़े पर लगाम लगेगा. दूसरी ओर योग्य और जरूरतमंद महिलाओं को बिना किसी बाधा के योजना का लाभ मिलता रहेगा.
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