झंडा मैदान मारपीट मामले में झामुमो कार्यकर्ता की शिकायत पर भी प्राथमिकी

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घटना के दिन सुल्तानगंज से जल उठाने के लिए पहुंचे नीरज चौधरी व उनके साथी | Prabhat Khabar Network

झंडा मैदान में छात्रों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच 21 अगस्त को हुई मारपीट की घटना में पुलिस ने झामुमो कार्यकर्ता दिलीप मुर्मू की शिकायत पर FIR दर्ज की है. इस मामले में छात्रों के खिलाफ मारपीट, जानलेवा हमले और मोबाइल छीनने का आरोप लगाया गया है.

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झंडा मैदान में 21 अगस्त को छात्रों और झामुमो कार्यकर्ताओं के बीच हुई मारपीट के मामले में नगर थाना पुलिस ने झामुमो कार्यकर्ता दिलीप मुर्मू के आवेदन पर भी प्राथमिकी दर्ज की है. दिलीप ने छात्र संगठन से जुड़े अनीश राय, अभिजीत कुमार, अक्षय यादव, विवेक गुप्ता, मंटू मुर्मू, विजय झा, नीरज चौधरी, नितेश तिवारी, मिशु मंडल और रमन कुमार वर्मा समेत 10-15 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया है. उन्होंने मारपीट, जानलेवा हमला, गाली-गलौज, रुपये व मोबाइल छीनने और मोबाइल तोड़ने का आरोप लगाया है.

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धरना-प्रदर्शन के दौरान बढ़ा विवाद

दिलीप मुर्मू ने पुलिस को दिये आवेदन में कहा है कि 21 अगस्त को शाम करीब चार बजे से रात नौ बजे तक झामुमो कार्यकर्ता झंडा मैदान में धरना-प्रदर्शन कर रहे थे. इसी दौरान भाजपा छात्र संगठन से जुड़े कुछ कार्यकर्ता वहां से गुजर रहे थे. आरोप है कि वे गाली-गलौज और आपत्तिजनक बातें कर रहे थे. झामुमो कार्यकर्ताओं ने उनसे इसका कारण पूछा, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और दोनों पक्षों के बीच मारपीट हो गयी.

दिलीप ने आरोप लगाया कि मारपीट में उन्हें अंदरूनी चोट लगी. अन्य कार्यकर्ताओं के भी घायल होने की बात कही गयी है. उन्होंने अपनी जेब से रुपये निकालने, मोबाइल छीनकर तोड़ने और जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है.

नीरज चौधरी ने प्राथमिकी पर उठाये सवाल

इधर, मामले में आरोपी बनाये गये नीरज चौधरी ने प्राथमिकी में अपना नाम शामिल किये जाने पर सवाल उठाया है. उन्होंने कहा कि जिस समय झंडा मैदान में मारपीट हुई, उस समय वह वहां मौजूद ही नहीं थे.

नीरज के अनुसार, वह 20 अगस्त की शाम करीब छह बजे बोलबम के लिए गिरिडीह से निकल गये थे. उनके साथ नितेश तिवारी भी थे. 21 अगस्त को जल उठाने के बाद वह बाबाधाम के लिए पैदल यात्रा पर रवाना हो गये. उन्होंने यह भी कहा कि प्राथमिकी में आरोपी बनाये गये विजय झा करीब एक महीने से अपने गांव देवरी में हैं.

निष्पक्ष जांच की मांग

नीरज ने कहा कि जब वह और उनके साथ के अन्य लोग घटनास्थल पर मौजूद नहीं थे, तो उनके खिलाफ किस आधार पर प्राथमिकी दर्ज की गयी, इसकी जांच होनी चाहिए. उन्होंने पुलिस पर झामुमो के दबाव में कार्रवाई करने का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की मांग की है.

पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली है. अब जांच के दौरान घटनास्थल के वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मारपीट में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है.


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