जानिए: जब एक अधिकारी की 'मॉर्निंग वॉक' बनी व्यवस्था सुधार का जरिया, दफ्तर और फील्ड दोनों में दिखा तालमेल
बीडीओ-सह-सीओ प्रवीण कुमार सिंह| Prabhat Khabar Network
गढ़वा के बरडीहा में बीडीओ प्रवीण कुमार सिंह की मॉर्निंग वॉक बनी जनसमस्याओं के समाधान का जरिया। अतिक्रमण हटाने के लिए शुरू की अनूठी पहल।
मनोज दूबे की रिपोर्ट
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मझिआंव: क्या आपने कभी सोचा है कि किसी अधिकारी की ''मॉर्निंग वॉक'' सिर्फ उनकी व्यक्तिगत सेहत बनाने तक सीमित न रहकर पूरे समाज और इलाके की व्यवस्था को दुरुस्त करने का माध्यम बन सकती है? गढ़वा जिले के बरडीहा प्रखंड में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है, जहां प्रखंड विकास पदाधिकारी सह अंचलाधिकारी (बीडीओ-सह-सीओ) प्रवीण कुमार सिंह की सुबह की सैर अब जनहित और जनसमस्याओं के समाधान का बड़ा जरिया बन चुकी है. एक संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी की यह सजग कार्य संस्कृति क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है. इस अनूठी पहल का सबसे महत्वपूर्ण और खास पहलू यह है कि इससे न तो दफ्तर के कामकाज पर कोई असर पड़ता है और न ही फील्ड की निगरानी में कोई कमी आती है.
जब ''मॉर्निंग वॉक'' में रास्ता हो गया साफ
बरडीहा प्रखंड अंतर्गत मुख्य मार्ग पर अतिक्रमण की लगातार मिल रही शिकायतों का निस्तारण करने के लिए बीडीओ सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह शनिवार की सुबह 7 बजे ही अपनी प्रशासनिक टीम के साथ खुद पैदल निरीक्षण पर निकल पड़े. उन्होंने अंचल के प्रधान सहायक, अंचल अमीन और अन्य कर्मियों की उपस्थिति में मौके पर ही रास्ते की विधिवत सरकारी मापी कराई. मापी के बाद चिन्हित किए गए अतिक्रमण स्थलों पर तुरंत लाल निशान लगा दिया गया और अतिक्रमणकारियों को कानूनी नोटिस जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई.
न रुका दफ्तर का काम, न फील्ड की निगरानी
अपनी इस अभिनव कार्यशैली के बारे में बात करते हुए बीडीओ सह सीओ प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि दफ्तर की नियमित अवधि पूरी तरह से आधिकारिक बैठकों, फाइलों के निपटारे और दूर-दराज से आने वाली आम जनता की समस्याओं को सुनने के लिए तय होती है. ऐसे में दफ्तरी घंटों के दौरान फील्ड में निकलना काफी चुनौतीपूर्ण हो जाता है.
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सार्वजनिक रास्तों पर अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं
उन्होंने कहा कि सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान स्थल निरीक्षण करने का सबसे बड़ा फायदा यह है कि दफ्तर का काम भी प्रभावित नहीं होता और फील्ड की मॉनिटरिंग भी बिना किसी रुकावट के पूरी हो जाती है. सुबह के समय ग्रामीण और स्थानीय लोग भी घरों पर आसानी से मिल जाते हैं, जिससे उनकी मौजूदगी में पारदर्शी ढंग से बात हो जाती है. सीओ ने सख्त शब्दों में चेतावनी दी है कि सार्वजनिक रास्तों पर किसी भी प्रकार का अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और नोटिस की मियाद पूरी होते ही आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
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