Garhwa News: 4 घंटे की मूसलाधार बारिश ने खोली शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल, स्कूल में घुटने तक पानी

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बारिश के दौरान स्कूल के सामने बना तालाब से निकलते स्कूल के बच्चे | Prabhat Khabar Network

गढ़वा में चार घंटे की भारी बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। स्कूल के मुख्य द्वार पर जलजमाव से बच्चे और शिक्षक परेशान हैं। प्रशासन से निकासी की मांग की गई है।

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गढ़वा : सोमवार को करीब चार घंटे तक हुई मूसलाधार बारिश ने शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी. लगातार तेज बारिश के कारण गढ़वा शहर का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया. शहर के दर्जनों मोहल्लों में सड़कें और गलियां जलमग्न हो गयीं. कई स्थानों पर लोगों को घुटने तक पानी के बीच से आवागमन करना पड़ा. बारिश के कारण निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा.

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शालिग्राम विद्यालय में घुटने तक भरा पानी

जलजमाव की भयावह तस्वीर शहर के हृदय स्थल श्रीकृष्ण गौशाला बस पड़ाव के सामने स्थित शालिग्राम मध्य विद्यालय, सोनपुरवा में देखने को मिली. विद्यालय के मुख्य प्रवेश द्वार से लेकर परिसर तक पानी भर गया. स्थिति यह रही कि स्कूली बच्चों और शिक्षकों को घुटने तक पानी में होकर विद्यालय से निकलना पड़ा. विद्यालय के मुख्य गेट के बाहर सड़क और परिसर पूरी तरह पानी में डूबा नजर आया.

छोटे-छोटे बच्चे जूते-चप्पल हाथ में लेकर पानी पार करते दिखे. जलजमाव के कारण विद्यार्थियों को स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी हुई. वहीं, लंबे समय तक दूषित पानी जमा रहने से संक्रमण और अन्य बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है.

विद्यालय शहर के प्रमुख स्थान पर स्थित होने के बावजूद जलनिकासी की समुचित व्यवस्था नहीं होने से हर बारिश में ऐसी स्थिति उत्पन्न होना व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है. अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को पानी के बीच से विद्यालय भेजना मजबूरी बन गया है. छोटे बच्चों के पानी में गिरने अथवा किसी अन्य दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है.

सड़कों और गलियों में भी जलजमाव

उधर, लगातार बारिश के कारण शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की स्थिति उत्पन्न हो गयी है. मुख्य सड़कों के साथ-साथ मोहल्लों की गलियां भी पानी से भर गयीं. इससे वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और लोगों को अपने घरों से निकलने में भी परेशानी हुई.

बारिश के बाद जिले की नदियों में भी पानी बढ़ने लगा है. सरस्वती नदी उफान पर है, जबकि दानरो नदी का जलस्तर भी लगातार बढ़ रहा है. नदियों का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे रहने वाले लोगों में भी चिंता बढ़ गयी है. प्रशासन की ओर से नदी और निचले इलाकों की स्थिति पर नजर रखे जाने की जरूरत है.

स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग

स्थानीय लोगों और अभिभावकों ने प्रशासन तथा नगर परिषद से विद्यालय समेत शहर के जलजमाव वाले इलाकों में तत्काल जलनिकासी की व्यवस्था कराने की मांग की है. लोगों का कहना है कि हर साल बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या सामने आती है, लेकिन इसका स्थायी समाधान नहीं हो सका है. शहर में बेहतर ड्रेनेज व्यवस्था विकसित कर जलजमाव की समस्या का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है, ताकि बारिश के दौरान आम लोगों के साथ-साथ स्कूली बच्चों को भी परेशानी का सामना न करना पड़े.

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