गढ़वा : प्रेम प्रसंग और पति की हत्या से फिर चर्चा में आया 12 साल पुराना बलिंद्र सिंह हत्याकांड
सांकेतिक तस्वीर
गढ़वा में 12 साल पुराने बलिंद्र सिंह हत्याकांड की कहानी फिर चर्चा में है। पत्नी के अवैध संबंध और पति की हत्या की साजिश का पूरा मामला विस्तार से जानें।
गढ़वा से पीयूष तिवारी की रिपोर्ट
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गढ़वा. पिछले सप्ताह झामुमो जिलाध्यक्ष शंभू राम की पुत्री और उसके प्रेमी पर कथित रूप से पति की हत्या का मामला सामने आने के बाद गढ़वा का 12 साल पुराना बलिंद्र सिंह हत्याकांड एक बार फिर चर्चा में आ गया है. वर्ष 2014 में हुए इस चर्चित हत्याकांड में भी पुलिस जांच के दौरान मृतक की पत्नी के कथित प्रेम संबंध और पति की हत्या की साजिश की बात सामने आयी थी.
रंका जाने की बात कहकर घर से निकले थे बलिंद्र
गढ़वा शहर के पिपराकला निवासी संवेदक बलिंद्र सिंह 18 अगस्त 2014 को रंका जाने की बात कहकर घर से निकले थे. इसके बाद वह वापस नहीं लौटे और उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ हो गया. दो दिन बाद 21 अगस्त की सुबह गढ़वा-शाहपुर मार्ग पर तिलदाग गांव के समीप एक कुएं से बोरे में बंद उनका शव बरामद हुआ था.
बोरे में पत्थर डाल कर कुएं में डाला था
पुलिस डायरी के अनुसार, बोरे में तीन पत्थर डाले गये थे और उसे सुतली से बांधा गया था. मृतक के हाथ-पैर लाल रंग की नायलॉन की रस्सी से बंधे थे. मामले में गढ़वा थाना में हत्या, अपहरण, साक्ष्य छिपाने और आपराधिक षड्यंत्र की धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू की गयी थी.
मोबाइल कॉल से खुलती गयी हत्या की गुत्थी
जांच के दौरान पुलिस ने बलिंद्र सिंह के दोनों मोबाइल नंबरों का सीडीआर और टावर लोकेशन खंगाला. पुलिस के अनुसार, 18 अगस्त की सुबह उनके एक मोबाइल नंबर पर एक संदिग्ध नंबर से करीब 459 सेकंड तक बातचीत हुई थी. बातचीत के बाद दोनों मोबाइल बंद हो गये. तकनीकी जांच के आधार पर पुलिस संदिग्ध मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले लोगों तक पहुंची और पूछताछ के बाद शमशिर आलम उर्फ राजा बाबू का नाम सामने आया.
पत्नी ने स्वीकार की थी संलिप्तता
पुलिस डायरी के अनुसार, पूछताछ में शमशिर आलम ने हत्या में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी. उसके बयान के आधार पर पुलिस ने बलिंद्र सिंह की पत्नी अंजली आनंद समेत अन्य लोगों की भूमिका की जांच की थी. पुलिस के अनुसार, अंजली आनंद ने भी घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की थी.
पत्नी के कथित प्रेम संबंध बना था वजह
पुलिस जांच में बलिंद्र सिंह की पत्नी अंजली आनंद और शमशिर आलम के बीच कथित प्रेम संबंध की बात सामने आयी थी. पुलिस के अनुसार, इस संबंध में बलिंद्र सिंह बाधक बन रहे थे.
घर पर ही की थी हत्या
पुलिस डायरी के मुताबिक, आरोप था कि इसी वजह से अन्य लोगों के साथ मिलकर बलिंद्र सिंह की हत्या की साजिश रची गयी. जांच में यह भी सामने आया था कि हत्या घर में करने के बाद शव को ठिकाने लगाया गया और उनके रंका जाने की कहानी गढ़ी गयी.
जांच अधिकारी को मिला था बेस्ट इन्वेस्टिगेशन अवार्ड
हत्याकांड की जांच तत्कालीन गढ़वा थाना के जूनियर सब इंस्पेक्टर निरंजन कुमार ने की थी. मामले के अनुसंधान के लिए उन्हें विभाग की ओर से बेस्ट इन्वेस्टिगेशन अवार्ड भी दिया गया था.
लोगों में था काफी आक्रोश
घटना के बाद गढ़वा शहर में काफी आक्रोश था. लोगों ने सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन भी किया था. मामले का खुलासा होने के बाद तत्कालीन एसपी सुधीर कुमार झा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर घटनाक्रम की जानकारी दी थी.
दोनों मामलों की परिस्थितियां अलग
वर्ष 2014 का बलिंद्र सिंह हत्याकांड लंबे समय तक गढ़वा में चर्चा में रहा. अब एक बार फिर वैवाहिक रिश्ते में कथित धोखे, प्रेम संबंध और पति की हत्या का मामला सामने आने के बाद लोगों को इस पुराने हत्याकांड की याद आ गयी है.
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दोनों घटनाओं में पति की हत्या के पीछे कथित प्रेम संबंध
हालांकि दोनों मामलों की परिस्थितियां और कानूनी स्थिति अलग-अलग हैं. दोनों घटनाओं में पति की हत्या के पीछे कथित प्रेम संबंध की बात सामने आने के कारण इनकी चर्चा एक साथ हो रही है.
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