केरल ले जाई जा रहीं 8 नाबालिग बच्चियां रेस्क्यू

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रेस्क्यू की गयी आठ नाबालिग | Prabhat Khabar Network

ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत RPF ने दुमका से इलायची काम के बहाने केरल ले जाई जा रहीं 8 नाबालिग बच्चियों को बचाया. संदिग्ध युवक हिरासत में.

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दुमका : ऑपरेशन नन्हें फरिश्ते के तहत आरपीएफ ने दुमका रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक से केरल ले जाई जा रहीं आठ नाबालिग बच्चियों को रेस्क्यू किया है. बच्चियों की उम्र 14 से 17 वर्ष के बीच है. आरपीएफ ने उन्हें 27 वर्षीय युवक के साथ संदिग्ध परिस्थिति में पकड़ा. पूछताछ में सामने आया कि बच्चियों को इलायची की खेती में काम दिलाने के नाम पर केरल ले जाया जा रहा था.

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स्टेशन पर जांच के दौरान मिलीं बच्चियां

मंगलवार को आरपीएफ पोस्ट दुमका के प्रभारी के पर्यवेक्षण में एएसआइ ए.के. हलदर और हेड कांस्टेबल अभिषेक कुमार स्टेशन पर नियमित जांच कर रहे थे. इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर एक पर आठ नाबालिग बच्चियां एक वयस्क युवक के साथ मिलीं. पूछताछ में युवक की पहचान बैजनाथ पहाड़िया (27) के रूप में हुई. वह सुंदरपहाड़ी थाना क्षेत्र के नादोपारा गांव का रहने वाला है.

रोजगार के लिए केरल जाने की बात बतायी

पूछताछ में बच्चियों ने बताया कि वे उक्त युवक की मदद से रोजगार के लिए केरल जा रही थीं. आरपीएफ के अनुसार, बच्चियों को पैसों का लालच दिया गया था और वे अपने माता-पिता या अभिभावकों की जानकारी अथवा सहमति के बिना घर से निकली थीं. मामले की गंभीरता को देखते हुए आरपीएफ ने तत्काल संबंधित अधिकारियों को सूचना दी.

परिजनों और संबंधित इकाइयों को दी सूचना

आरपीएफ ने बच्चियों के परिजनों से संपर्क करने का प्रयास किया. एक बच्ची सुरजी पहाड़िन के माता-पिता से संपर्क कर उन्हें मामले की जानकारी दी गयी. इसके साथ ही एएचटीयू यूनिट दुमका, नगर थाना दुमका, स्टेशन अधीक्षक तथा बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) दुमका को भी सूचना दी गयी.

सीडब्ल्यूसी के निर्देश पर चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा

सुरक्षा और देखभाल के लिए सभी आठ बच्चियों को आरपीएफ पोस्ट दुमका लाया गया. सूचना मिलने पर नगर थाना के एसआइ राजीव रंजन टीम के साथ आरपीएफ पोस्ट पहुंचे और मामले की जांच शुरू की.

सीडब्ल्यूसी दुमका के निर्देश पर सभी आठ रेस्क्यू की गयी बच्चियों को आवश्यक कागजी कार्रवाई और पावती के साथ चाइल्ड हेल्प डेस्क टीम, दुमका को सौंप दिया गया. वहीं, संदिग्ध युवक बैजनाथ पहाड़िया को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए एएचटीयू टीम दुमका और नगर थाना के एसआइ राजीव रंजन को सौंप दिया गया.

आरपीएफ जवानों की रही अहम भूमिका

आरपीएफ की इस कार्रवाई में एएसआइ ए.के. हलदर और हेड कांस्टेबल अभिषेक कुमार की महत्वपूर्ण भूमिका रही. मामले में एएचटीयू और स्थानीय पुलिस की ओर से आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है.


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