बीसीसीएल निदेशक मुरलीकृष्ण रमैया की किताब में नेतृत्व का मानवीय दर्शन, साझा किए 37 साल के अनुभव
बीसीसीएल के डीपी मुरलीकृष्ण रमैया
‘हम जिन लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, वे भी हमारे जीवन और व्यक्तित्व पर अपनी छाप छोड़ते हैं’ यह संदेश है बीसीसीएल के लोकप्रिय निदेशक (मान संसाधन) की हालिया प्रकाशित पुस्तक ‘द लाइव्स वी टच’ का.
मृदुभाषी व सौम्य व्यवहार के व्यक्तित्व के धनी बीसीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) मुरलीकृष्ण रमैया की कोयला अधिकारियों के बीच बहुभाषी व समर्थ मोटिवेटर की पहचान रखते हैं. ‘द लाइव्स वी टच : एवरी लाइफ वी टच लीव्स ए मार्क ऑन आवर ओन’ किताब से उनके एक समर्थ लेखक की पहचान उद्घाटित होती है.
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मानव संसाधन प्रबंधन को केवल नियमों, नीतियों और प्रक्रियाओं के दायरे में देखने के बजाय उसे मानवीय संबंधों और संवेदनशील नेतृत्व से जोड़ती है यह पुस्तक. दरअसल यह पुस्तक उनके रचनाशील व्यक्तित्व का ही हिस्सा है.
किताब का फोकस व्यावहारिक अनुभवों पर केंद्रित
37 वर्षों के पेशेवर अनुभव से निकली यह पुस्तक कार्यस्थल पर लोगों, संबंधों और नेतृत्व की भूमिका को समझने का एक अनुभवपरक मूल्यवान दस्तावेज है. इसकी खासियत है कि यह प्रबंधन के सैद्धांतिक पक्ष से अधिक लेखक के व्यावहारिक अनुभवों, चुनौतियों और उनसे मिली सीख पर केंद्रित है.
नेतृत्व, मानवीय संवेदनशीलता, कर्मचारी संबंध, औद्योगिक संबंध तथा बदलाव के दौर में प्रबंधन जैसे विषयों के माध्यम से श्री रमैया यह स्थापित करते हैं कि किसी भी संगठन की वास्तविक ताकत उसकी नीतियों से अधिक वहां काम करने वाले लोगों में निहित होती है.
टिकाऊ सफलता पर लेखक का बल
लेखक के अनुसार संगठन तभी टिकाऊ सफलता हासिल कर सकता है, जब उसके कर्मचारी बेहतर ढंग से आगे बढ़ सकें. इसी सोच के केंद्र में सहानुभूति, ईमानदारी, दृढ़ता और कर्मचारी-केंद्रित नेतृत्व हैं. ऑरेंज बुक्स पब्लिकेशन ने इसे प्रकाशित किया है.

पुस्तक नेतृत्व को अधिकार या पद के रूप में नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और विश्वास के रूप में देखने की दृष्टि विकसित करती है. नीतियों से पहले लोगों को प्राथमिकता देने और निर्णयों में संवेदनशीलता, उद्देश्य और साहस को शामिल करने का संदेश इसकी प्रमुख विशेषता है.
37 वर्षों के अनुभव का सार
16 अगस्त 1966 को जन्मे रमैया ने विज्ञान में स्नातक तथा कोलकाता के इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल वेलफेयर एंड बिजनेस मैनेजमेंट से सामाजिक कल्याण में पीजी डिप्लोमा किया. 28 जनवरी 1989 से सेल से शुरू श्री रमैया पेशेवर का जीवन बीसीसीएल में निर्णायक मुकाम पर पहुंचा.
सार्वजनिक क्षेत्र में करीब चार दशक का अनुभव रखने वाले रमैया 23 फरवरी 2023 से बीसीसीएल के निदेशक (मानव संसाधन) हैं. कुल मिलाकर, यह पुस्तक एचआर पेशेवरों तक सीमित न रहकर उन सभी पाठकों के लिए भी उपयोगी साबित होगी जो नेतृत्व, कार्यस्थल के मानवीय रिश्तों और संगठनात्मक बदलाव को समझना चाहते हैं. इसका मूल संदेश सरल है—हम जिन लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, वे भी हमारे जीवन और व्यक्तित्व पर अपनी छाप छोड़ते हैं.
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