धनबाद के बिजली उपभोक्ताओं के लिए बड़ी खबर, 30 नए सबस्टेशन से खत्म होगी लो-वोल्टेज और ट्रिपिंग की समस्या
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धनबाद के बिजली उपभोक्ताओं के लिए अच्छी खबर है. जिले में 30 नए पावर सबस्टेशन की योजना से वोल्टेज की समस्या और बार-बार होने वाली बिजली कटौती खत्म होने की उम्मीद है. यह योजना उपभोक्ताओं के लिए बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाएगी.
धनबाद. जिले के बिजली उपभोक्ताओं को आने वाले वर्षों में बेहतर वोल्टेज, कम ट्रिपिंग और अधिक विश्वसनीय बिजली आपूर्ति मिलने की उम्मीद है. झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) ने राज्य के प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में कम-से-कम पांच-पांच विद्युत शक्ति उपकेंद्र (पावर सबस्टेशन) स्थापित करने का निर्णय लिया है. धनबाद जिले में छह विधानसभा क्षेत्र होने के कारण यहां लगभग 30 नये सबस्टेशन स्थापित किये जाने की योजना है. इसके लिए संबंधित अधिकारियों को जमीन उपलब्ध कराने की प्रक्रिया शुरू करने का निर्देश दिया गया है.
हर विधानसभा में पांच सबस्टेशन की योजना
जेबीवीएनएल के निदेशक (वितरण एवं परियोजना) प्रभात कुमार श्रीवास्तव ने राज्य के सभी विद्युत आपूर्ति क्षेत्रों के महाप्रबंधक सह मुख्य अभियंताओं को पत्र जारी कर आवश्यक पहल करने को कहा है. पत्र में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र में पांच विद्युत शक्ति उपकेंद्र के निर्माण के लिए उपयुक्त जमीन चिह्नित करने और संबंधित जनप्रतिनिधियों तथा स्थानीय स्तर के हितधारकों से विचार-विमर्श करने का निर्देश दिया गया है. जमीन उपलब्ध होने के बाद इसकी अनुपालन रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी जायेगी.
लंबे फीडरों पर निर्भरता होगी कम
वर्तमान में जिले के कई क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति लंबे फीडरों और सीमित संख्या वाले सबस्टेशनों पर निर्भर है. आबादी बढ़ने, नए आवासीय क्षेत्रों के विकसित होने तथा औद्योगिक एवं व्यावसायिक गतिविधियों के विस्तार से बिजली का लोड लगातार बढ़ रहा है. ऐसे में एक ही सबस्टेशन पर अधिक दबाव पड़ता है.
नये सबस्टेशन बनने के बाद बिजली लोड को अलग-अलग क्षेत्रों में बांटना आसान होगा. इससे ओवरलोडिंग कम होगी और आपूर्ति व्यवस्था अधिक संतुलित बन सकेगी.
लो-वोल्टेज की समस्या से मिल सकती है राहत
जेबीवीएनएल ने 33/11 केवी लाइनों की लंबाई सीमित रखने की भी योजना बनायी है. प्रस्ताव के अनुसार शहरी क्षेत्रों में इन लाइनों की लंबाई पांच से 10 किलोमीटर तथा ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 किलोमीटर तक रखने का लक्ष्य है.
धनबाद के ग्रामीण इलाकों में लंबे फीडरों के कारण अंतिम छोर तक पहुंचते-पहुंचते वोल्टेज कम होने की शिकायत अक्सर सामने आती है. नये सबस्टेशन बनने से बिजली को अपेक्षाकृत कम दूरी तय करनी होगी. इससे लो-वोल्टेज की समस्या कम करने और उपभोक्ताओं को बेहतर गुणवत्ता की बिजली उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी.
फॉल्ट होने पर कम क्षेत्र होगा प्रभावित
नये सबस्टेशन और छोटे फीडर नेटवर्क का सबसे बड़ा लाभ यह होगा कि किसी लाइन में खराबी आने पर उसका असर सीमित क्षेत्र तक रहेगा. वर्तमान व्यवस्था में एक फीडर में फॉल्ट आने पर उससे जुड़े बड़े इलाके की बिजली बाधित हो जाती है.
नई व्यवस्था में आपूर्ति नेटवर्क को छोटे-छोटे हिस्सों में विभाजित किया जायेगा. इससे फॉल्ट की पहचान और मरम्मत कार्य तेजी से हो सकेगा. साथ ही ट्रांसफॉर्मर और फीडरों पर अनावश्यक दबाव कम होगा, जिससे ट्रिपिंग और तकनीकी नुकसान में भी कमी आने की संभावना है.
भविष्य की बढ़ती मांग को ध्यान में रखकर तैयारी
धनबाद में खनन, उद्योग, व्यापार और आवासीय विस्तार के कारण बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है. नये सबस्टेशन भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किये जाने वाले आधारभूत ढांचे का हिस्सा होंगे. इससे नये औद्योगिक, आवासीय और व्यावसायिक क्षेत्रों को बिजली कनेक्शन देने में भी सुविधा होगी.
उपभोक्ताओं को संभावित फायदे
- वोल्टेज की गुणवत्ता में सुधार होने की संभावना
- ओवरलोडेड फीडरों पर दबाव कम होगा
- बार-बार ट्रिपिंग और बिजली बाधित होने की घटनाओं में कमी आ सकती है
- फॉल्ट होने पर सीमित क्षेत्र ही प्रभावित होगा
- ग्रामीण क्षेत्रों में लंबी लाइनों पर निर्भरता घटेगी
- लाइन लॉस और तकनीकी नुकसान कम करने में मदद मिलेगी
- नये आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों को बिजली आपूर्ति आसान होगी
बिजली निगम का मानना है कि सबस्टेशन नेटवर्क के विस्तार से धनबाद जिले की बिजली व्यवस्था अधिक मजबूत, संतुलित और भविष्य की जरूरतों के अनुरूप बन सकेगी.
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