रामकथा यात्रा पहुंची बाबाधाम, मोरारी बापू बोले प्रभु राम की शिक्षाओं को 12 ज्योतिर्लिंगों में फैलाना उद्देश्य

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रामकथा यात्रा के माध्यम से हमारा लक्ष्य भगवान राम की शिक्षाओं को द्वादश ज्योतिर्लिंगों में फैलाना और वैष्णवों और शैवों के बीच परस्पर जुड़ाव की कहानियों को बुनना है. यह यात्रा देश भर के लोगों को एकजुट करेगी और यात्रियों को देश की समृद्ध विरासत से परिचित करायेगी.

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Deoghar News: प्रसिद्ध कथावाचक मोरारी बापू की द्वादश ज्योतिर्लिंग रामकथा यात्रा मंगलवार को अपने तीसरे पड़ाव देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथधाम पहुंची. कथावाचक मोरारी बापू अपने अनुयायियों के साथ सुबह में बाबा मंदिर में पूजा करने के बाद कथा स्थल पहुंचे. यहां रामकथा मानस-900 में द्वादश ज्योतिर्लिंग की व्याख्या करते हुए बापू ने कहा कि वह जिस राम की कथा कहते हैं, उनका जन्म नवमी को हुआ. कथा भी नौ दिन होती है, नौ का अंक महत्वपूर्ण है, वह पूर्ण भी है और शून्य भी. इसलिए द्वादश ज्योतिर्लिंग की कथा को 900वीं कथा का सम्मान दिया है.

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भगवान राम की शिक्षाओं को सभी ज्योतिर्लिंगों में फैलाना हमारा उद्देश्य- मोरारी बापू

बापू ने कहा कि इस यात्रा के माध्यम से हमारा लक्ष्य भगवान राम की शिक्षाओं को द्वादश ज्योतिर्लिंगों में फैलाना और वैष्णवों और शैवों के बीच परस्पर जुड़ाव की कहानियों को बुनना है. यह यात्रा देश भर के लोगों को एकजुट करेगी और यात्रियों को देश की समृद्ध विरासत से परिचित करायेगी. मोरारी बापू ने कहा कि अमृत काल के उत्सव के अनुरूप यह ज्योतिर्लिंग राम कथा यात्रा भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत की समझ को बढ़ायेगी और उस आध्यात्मिकता का प्रतीक होगी, जो हमारे एक भारत, श्रेष्ठ भारत का सार है. द्वादश ज्योतिर्लिंग कथा यात्रा की शुरूआत 22 जुलाई को केदारनाथ धाम में हुई थी और ऋषिकेश से ट्रेन यात्रा शुरू होने के बाद काशी होते हुए बैद्यनाथधाम पहुंची है.

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इन ट्रेनों के जरिए 12 ज्योतिर्लिंगों, तीन धामों व तिरुपति बालाजी से गुजरेगी यह यात्रा

यह यात्रा चित्रकूट व कैलाश नामक दो ट्रेनों के जरिए देश के 12 ज्योतिर्लिंग व तीन धाम तथा तिरुपति बालाजी से गुजरेगी. साथ ही सभी ज्योतिर्लिंगों में कथा होगी और धामों में यात्री दर्शन कर सकेंगे. 1008 यात्रियों के साथ 18 दिन की यह यात्रा देश के आठ राज्यों में 12 हजार किमी का सफर करेगी. सात अगस्त को सोमनाथ ज्योतिर्लिंग परिसर में आखिरी दिन की कथा के बाद यात्रा संपन्न होगी. यह आयोजन इंदौर के कारोबारी व बापू के अनुयायी रुपेश व्यास द्वारा किया जा रहा है, जिन्होंने आइआरसीटीसी के साथ मिलकर ज्योतिर्लिंग राम कथा यात्रा को मूर्त रूप दिया. बैद्यनाथधाम के बाद यह यात्रा दर्शन के लिए बुधवार को जगन्नाथपुरी पहुंचेगी. पुरी के बाद अगला पड़ाव मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग होगा, जहां चौथे दिन की कथा होगी.

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