नवजात का शव मिलने की उच्चस्तरीय जांच की मांग

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मांग जिला जिलाध्यक्षों ने कहा अल्ट्रासोनोग्राफी व नर्सिंग होम को चिन्हित कर हो कार्रवाई देवघर : पिछले कई दिनों से मोहनपुर इलाके में नवजात का शव मिलने की घटना को देवघर के लोगों ने काफी गंभीरता से लिया है. विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. नेताओं […]

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मांग जिला जिलाध्यक्षों ने कहा अल्ट्रासोनोग्राफी व नर्सिंग होम को चिन्हित कर हो कार्रवाई

देवघर : पिछले कई दिनों से मोहनपुर इलाके में नवजात का शव मिलने की घटना को देवघर के लोगों ने काफी गंभीरता से लिया है. विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. नेताओं ने कहा कि जिले में चल रहे हैं, अल्ट्रासोनोग्राफी या लिंग परीक्षण करने वाले क्लिनिकों को चिन्हित करके कड़ी कार्रवाई हो. जिस मात्रा में ये शव मिले हैं. यह अपने आप में कई सवालों को जन्म दे रहा है.
अाश्चर्य की बात है कि जिले का स्वास्थ्य महकमा और जिला प्रशासन इस मामले को हल्के में लेकर खानापूर्ति कर रहा है. सिविल सर्जन हो या अन्य कोई अधिकारी इस मामले की तह तक नहीं पहुंचना चाहते हैं. ये तक पता लगाना उचित नहीं समझ रहे हैं कि आखिर इतनी बड़ी मात्रा में जार में नवजात के शव को प्रीजर्व आखिर कौन और किसके लिए कर रहा है. इस मामले में विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों ने तीखी प्रतिक्रिया दी है.
बड़े पैमाने में फेंके गये नष्ट भ्रूण में अधिकांश मादा हैं. इससे भाजपा सरकार की बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान की सच्चाई सामने आयी है. भ्रूण हत्या को रोकने में सरकार पूरी तरह विफल है. भ्रूण हत्या के गोरखधंधे में लिप्त क्लीनिक की पहचान करने में स्वास्थ्य विभाग असफल है.- सुरेश पासवान, पूर्व मंत्री सह जिलाध्यक्ष, राजद
नष्ट भ्रूण पाये जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग लीपापोती कर रही है. जितनी संख्या में भ्रूण को डुमरथर गांव में फेंका गया था, इससे स्पष्ट होता है कि शहर में भ्रूण हत्या का गोरखधंधा चल रहा है. स्वास्थ्य विभाग की इसमें कड़ी मॉनिटरिंग नहीं है. – सुरेश साह, नगर अध्यक्ष, झामुमो
स्वास्थ्य विभाग भ्रूण हत्या को रोकने में पूरी तरह विफल है. भाजपा की सरकार में कोई भी विभाग सही ढंग से काम नहीं कर रही है. भ्रूण हत्या के गोरखधंधे में लिप्त क्लिनिक की पहचान के लिए निरंतर जांच नहीं होती है. मंत्रालय भी इसमें गंभीर नहीं है. – मून्नम संजय, जिलाध्यक्ष, कांग्रेस
बाबा बैद्यनाथ की नगरी में भ्रूण हत्या जैसा कार्य बहुत ही धृणात्मक है. स्वास्थ्य विभाग भ्रूण हत्या के धंधे में लिप्त क्लिनिक में रेग्युलर छापेमारी करे, इसकी कड़ी मॉनिटरिंग करें. निश्चित रुप से आसपास ही भ्रूण हत्या का गोरखधंधा चल रहा होगा.
– दिवाकर गुप्ता, जिलाध्यक्ष, भाजपा
नष्ट भ्रूण फेंके जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग पल्ला झाड़ रहा है. इस इलाके में जब मेडिकल कॉलेज नहीं है तो भ्रूण कहां से आया, इसकी जांच स्वास्थ्य विभाग को गंभीरता से करनी चाहिए. जीवन से जुड़े सरकार इस संवेदनशील मुद्दे पर गंभीर नहीं है.
– नागेश्वर सिंह, जिलाध्यक्ष, झाविमो
नष्ट भ्रूण पाये जाने के मामले में स्वास्थ्य विभाग लीपापोती में लगी है. इस प्रकरण में कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग भी जवाबदेह है. निजी क्लिनिकों में अभियान चलाकर भ्रूण हत्या रोकथाम के लिए काम होना चाहिए. टीम केवल खानापूर्ति के लिए नहीं बनी है.
– राजा साहनी, केंद्रीय सचिव, आजसू
भ्रूण हत्या का गोरखधंधा देवघर शहर में चला रहा है, इसका उदाहरण डुमरथर में इतनी संख्या भ्रूण पाये जाने से स्पष्ट होता है. भ्रूण हत्या के खिलाफ शहर के निजी क्लिनिकों पर स्वास्थ्य विभाग को अभियान चलाना चाहिए.
– सतीश दास, जिलाध्यक्ष, जदयू
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