बाबा मंदिर के सारे एसी होंगे सेंट्रलाइज्ड, मिलेगी राहत

Updated at : 03 May 2018 6:13 AM (IST)
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बाबा मंदिर के सारे एसी होंगे सेंट्रलाइज्ड, मिलेगी राहत

देवघर : सावन के पूर्व बाबा मंदिर में लगे सारे एसी को सेंट्रलाइज्ड किया जायेगा. मुंबई से आये एसी कंपनी के अधिकारियों ने निरीक्षण कर इसे जल्द कराने की सलाह दी है. चार सालों से हरके साल मंदिर में एसी मेंटेनेंस के नाम पर बीस लाख से अधिक रुपये खर्च किया जायेगा. मंदिर में दो […]

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देवघर : सावन के पूर्व बाबा मंदिर में लगे सारे एसी को सेंट्रलाइज्ड किया जायेगा. मुंबई से आये एसी कंपनी के अधिकारियों ने निरीक्षण कर इसे जल्द कराने की सलाह दी है. चार सालों से हरके साल मंदिर में एसी मेंटेनेंस के नाम पर बीस लाख से अधिक रुपये खर्च किया जायेगा. मंदिर में दो जगह सेंट्रलाजेशन का काम करने पर विचार किया जा रहा है.

पहले फेज में बाबा मंदिर पार्वती मंदिर व अन्य मंदिरों को देखते हुए एसी लगा कर एक जगह से संचालन का काम होगा.
दूसरे फेज के लिये मंदिर में बने सभी भवन जैसे प्रशासनिक भवन, सुविधा केंद्र, उमा भवन आदि जगहों के एसी को सेंट्रलाजेशन करने के लिये कंपनी की ओर से डीपीआर बनाया जा रहा है. लेकिन कौन कंपनी काम करेगा. इस बात का अबतक खुलासा नहीं हुआ है. इस तरह का कदम उठाने का मुख्य उद्देश्य हरेक साल मेंटनें में होने वाले खर्च को समाप्त करने के लिये किया जा रहा है.
क्षमता से अधिक प्रवेश कराये जा रहे श्रद्धालु
हर साल श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए मेले को कंट्रोल करने के उद्देश्य से पर्यटन विभाग की ओर से फुट ओवर ब्रिज बनवाया गया था. विभाग के इंजीनियर मधुकर सिन्हा की रिपोर्ट को माने तो इसमें भक्तों की सिंगल कतार को संचालित करने के अलावे कतार को सुचारू रूप से चलाने के लिये जगह-जगह पुलिस बल की प्रतिनियुक्ति तक ही इसकी क्षमता बतायी गयी थी. यह दो साल तक चला. बाद में ब्रिज में क्षमता से अधिक लोगों को प्रवेश कराया जाने लगा. जिस कारण ब्रिज में कंपन की शिकायत आयी थी.
कहते हैं इंजीनियर
एक करोड़ सात लाख का टेंडर था , लेकिन पेमेंट साढ़े छह लाख तक ही हुआ है. जबकि कंपनी इससे अधिक काम कर चुकी है. अब इसी काम को पूरा किया जा रहा है. काम होने के बाद जांचोपरांत ही पेंमेंट का प्रावधान है.
पिछले साल 1.07 करोड़ खर्च कर हुआ था मरम्मत कार्य
देवघर : श्रावणी मेला के नाम पर हर साल लगभग हर विभाग को लाखों करोड़ों रुपये का आवंटन प्राप्त होता है, इसके बाद भी आज तक कोई स्थायी व्यवस्था नहीं की गयी है. एक बार मान सरोवर से बाबा मंदिर संस्कार मंडप तक बने फुट ओवर ब्रिज की मरम्मत पर 11 लाख रुपये खर्च किये जायेंगे. ऐसा ब्रिज में एक बार कंपन आने के बाद निर्णय लिया गया. ब्रिज को ठोस बनाने के लिए मेंटेनेंस के लिए एक करोड़ सात लाख में टेंडर कर उर्मिला कंस्ट्रक्शन को वर्क ऑर्डर दिया गया. मान सरोवर से लेकर गली तक ब्रिज के कुछ पिलरों में लोहे के पिलर व बैंड लगाये गये. लेकिन, पूरे मंदिर तक इसका मेंटनेंस नहीं किया गया. अब पीजीसीआइएल एक बार फिर 11 लाख रुपये खर्च करेगी.
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