बोकारो : किसानों के लिए वरदान बना सोलर प्लांट, खेतों में आई हरियाली

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बोकारो में चतरोचट्टी के किसानों के लिए उद्भव सिंचाई योजना के तहत लगा सोलर प्लांट वरदान साबित हुआ है. अब निरंतर और पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने से कुम्हलाये पौधों में हरियाली दिखने लगी है.

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ललपनिया (बोकारो) नागेश्वर : गोमिया प्रखंड अंतर्गत‌ चतरोचट्टी पंचायत में बोकारो जिला प्रशासन की पहल पर लगाया गया सोलर प्लांट किसानों के लिए वरदान साबित हो रहा है. आम बागवानी के अलावा कृषि विकास के लिये लगाये गये सोलर सिस्टम से पानी पटवन से आम बागवानी और धान की खेतों में हरियाली बिखर गयी है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार चतरोचट्टी पंचायत में 15 एकड़ में आम बागवानी की गयी है. इस प्लॉट में 15 ग्रामीणों ने मिलकर एक जगह आम बागवानी की है. इस बागवानी में पानी पटवन के लिये किसानों को काफी परेशानियाें का सामना करना पड़ रहा था. पहाड़ी के तलहटी में रहने से पानी की काफी किल्लत हो रही थी.

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जिला परिषद के फंड लगाया गया मोटर और सोलर प्लांट

ग्रामीणों की इस समस्या के संबंध में पंचायत के मुखिया महादेव महतो ने प्रखंड विकास पदाधिकारी कपिल कुमार को जानकारी दी. जानकारी मिलते ही बीडीओ कपिल कुमार ने बोकारो जिला प्रशासन का ध्यान आकृष्ट कराया, ताकि पानी पटवन के लिये माकूल व्यवस्था बहाल की जाए. जिसके बाद जिला प्रशासन के दिशा निर्देश पर आम बागवानी से एक हजार फीट की दूरी पर एक तालाब के समीप जिला परिषद के फंड से मोटर सहित सोलर प्लांट लगाया गया, जिसकी लगभग 7 लाख रुपए है. यह मोटर और सोलर प्लांट साल 2022-23 में सौर उद्भव सिंचाई योजना के तहत लगाया गया. ताकि किसानों की समस्या दूर हो सके और वाकई मोटर और सोलर सिस्टम लगने के बाद आम बागवानी तक पानी लाना आसान हो गया. किसान को जब पानी की जरूरत होती है, वे पानी पटवन कर सकते हैं.

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कम लागत में ज्यादा मुनाफा

अब निरंतर और पर्याप्त मात्रा में पानी मिलने से कुम्हलाये पौधों में हरियाली दिखने लगी है और पौधे भी बढने लगे हैं. आम बागवानी के साथ-साथ किसान 50 एकड़ भूमि में पानी पटवन कर धान की खेती भी करने लगे हैं. जिससे किसानों का काफी लाभ मिल रहा है. बता दें कि इस योजना उक्त योजना के क्रियान्वन को लेकर जिला अभियंता हरि दास और कार्यपालक अभियंता अरुण कुमार ने स्थल की जांच कर योजना को सरजमी पे उतारा. क्षेत्र के ग्रामीणों का कहना है कि कम लागत में काफी किसानों को लाभ मिल रहा है. जरूरत है जिला प्रशासन प्रखंड के कृषि बहुल क्षेत्र में भी जांच पड़ताल कर इस प्रकार की योजना मुहैया कराएं, ताकि क्षेत्र के ग्रामीण और किसान अधिक से अधिक लाभान्वित हो सकें.

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