फुसरो नगर परिषद में टैक्स वसूली ठप, अगस्त में अब तक मिले सिर्फ 8 हजार; पहले आते थे 10-12 लाख
यह फोटो एआई से बनाई गई है
फुसरो नगर परिषद में नई एजेंसी का चयन न होने से टैक्स वसूली पूरी तरह ठप हो गई है, जिससे निकाय के राजस्व और विकास कार्यों पर गहरा संकट मंडरा रहा है.
नगर निकायों में प्रॉपर्टी टैक्स, वाटर यूजर चार्ज और ट्रेड लाइसेंस फीस की वसूली का काम प्रभावित होने लगा है. फुसरो नगर परिषद में भी एक अगस्त से होल्डिंग टैक्स समेत अन्य करों की नियमित वसूली बंद है. टैक्स कलेक्शन एजेंसी की निविदा समाप्त होने और नयी एजेंसी का चयन नहीं होने से यह स्थिति बनी है. फिलहाल लोग ऑनलाइन माध्यम से टैक्स जमा कर रहे हैं, लेकिन इससे होने वाली आय बेहद कम है.
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अगस्त में अब तक सिर्फ आठ हजार रुपये टैक्स मिले
फुसरो नगर परिषद को ऑनलाइन भुगतान के माध्यम से अगस्त में अब तक करीब आठ हजार रुपये टैक्स प्राप्त हुआ है. इसके मुकाबले पूर्व में टैक्स वसूली का जिम्मा संभाल रही रितिका प्रिंटेड प्राइवेट लिमिटेड हर माह करीब 10 से 12 लाख रु और सालाना चार से साढ़े चार करोड़ रु तक राजस्व जुटाती थी. वसूली की रफ्तार धीमी होने से नगर परिषद की वित्तीय व्यवस्था पर दबाव बढ़ने की आशंका है.
टैक्स की आय से चलता है निकाय का खर्च
नगर परिषद की अपनी आय में प्रॉपर्टी टैक्स, वाटर यूजर चार्ज और ट्रेड लाइसेंस फीस की महत्वपूर्ण भूमिका है. इसी राशि से सफाई कर्मियों, अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, वार्ड पार्षदों, निजी कर्मचारियों के मानदेय के अलावा डीजल और अन्य दैनिक खर्चों का भुगतान किया जाता है. एजेंसी के जरिये नियमित वसूली नहीं होने से नप के सामने कार्यालय संचालन और जरूरी सेवाओं के खर्च जुटाने की चुनौती बढ़ सकती है.
आठ टैक्स कलेक्टर भी हुए बेरोजगार
राजस्व संग्रह का काम बंद होने से फुसरो में टैक्स वसूली से जुड़े करीब आठ कलेक्टर भी बेरोजगार हो गये हैं. जानकारी के अनुसार राज्य शहरी विकास अभिकरण (सूडा) ने राजस्व संग्रह का काम कर रही श्री पब्लिकेशन एंड स्टेशनर्स, रितिका और स्पैरो एजेंसियों को हटाने का निर्णय लिया है. पूर्व में इन एजेंसियों का करार समाप्त होने के बाद उन्हें नयी एजेंसी के चयन तक विस्तार दिया गया था. नयी एजेंसी का चयन नहीं होने के बाद पुरानी एजेंसियों को भी काम से हटा दिया गया.
करदाताओं के विवरण भी जुटाना पड़ सकता है
नयी व्यवस्था में घरों की दोबारा मैपिंग और करदाताओं का विवरण जुटाने की जरूरत पड़ सकती है. इससे वसूली व्यवस्था सामान्य होने में और समय लगने की आशंका है.
15वें वित्त आयोग के फंड पर भी असर की आशंका
नगर निकायों की राजस्व क्षमता और अपनी आय बढ़ाने की स्थिति 15वें वित्त आयोग से मिलने वाली राशि के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है. ऐसे में लगातार कम राजस्व संग्रह से निकायों को वित्तीय नुकसान का सामना करना पड़ सकता है.
दिशा-निर्देश का इंतजार : कार्यपालक पदाधिकारी
फुसरो नप के कार्यपालक पदाधिकारी राजीव रंजन ने बताया कि टैक्स वसूली एजेंसी की निविदा रद्द होने की जानकारी मिली है. विभाग ने टैक्स वसूली को लेकर रिपोर्ट मांगी थी, जिसे उपलब्ध करा दिया गया है. विभागीय दिशा-निर्देश के बाद आगे की कार्रवाई की जायेगी.
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