आदेश के बावजूद बंद रहे अधिकतर एटीएम
Author :Prabhat Khabar Digital Desk
Published by :Prabhat Khabar Digital Desk
Updated at :12 Nov 2016 8:01 AM
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बाजार में व्यवसायी सहित आम लोगों के बीच गहमा-गहमी की स्थिति बनी रही ़ सुपौल : भ्रष्टाचार कालाधन व हवाला कारोबारियों के खिलाफ उठाये गये सरकार के कारगर कदम के तीसरे दिन शुक्रवार को भी बाजार में व्यवसायी सहित आम लोगों के बीच गहमा-गहमी की स्थिति बनी रही. लोग राशि निकालने से अधिक पुराने नोट […]
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बाजार में व्यवसायी सहित आम लोगों के बीच गहमा-गहमी की स्थिति बनी रही ़
सुपौल : भ्रष्टाचार कालाधन व हवाला कारोबारियों के खिलाफ उठाये गये सरकार के कारगर कदम के तीसरे दिन शुक्रवार को भी बाजार में व्यवसायी सहित आम लोगों के बीच गहमा-गहमी की स्थिति बनी रही.
लोग राशि निकालने से अधिक पुराने नोट जमा करने और बाजार में खर्च करने में अधिक व्यस्त देखे गये. सुबह से ही लोग शहर के सभी बैंक व एटीएम का चक्कर लगाते नजर आये. हालांकि दोपहर बाद बैंकों की राशि ख्त्म हो जाने के कारण ऐसे लोगों को मायूसी ही हाथ लगी.यही स्थिति एटीएम के माध्यम से राशि निकासी करने वालों की भी रही. क्योंकि शहर के अधिकांश एटीएम शुक्रवार को भी बंद रहे. एसबीआइ की मुख्य शाखा व स्टेशन चौक स्थित एचडीएफसी बैंक के एक मात्र एटीएम पर ग्राहकों को राशि निकालने में सफलता हासिल हुई. इस वजह से उक्त एटीएम के सामने दिन भर ग्राहकों की कतार लगी रही. एटीएम में कतारबद्ध ग्राहकों को इस एटीएम से 2000 रुपये प्राप्त हो रहा था. हालांकि बुधवार व गुरुवार की अपेक्षा शुक्रवार को पेट्रोल पंप, आभूषण की दुकान आदि बड़े प्रतिष्ठानों पर ग्राहकों की अधिक भीड़ नहीं जुटी थी.इसकी मुख्य वजह यह है कि गुरुवार व शुक्रवार को बैंक खुलने के बाद बाजार में छोटे नोटों की आवक बढ़ी है.इस वजह से लोगों की मुश्किलें कुछ हद तक कम हुई है.हालांकि 500 व 1000 के पुराने नोट बदलने के लिए अब भी लोग परेशान हैं.
चिल्लर देकर चलाया काम
बड़े नोट पर लगी रोक के बाद ग्राहकों के बीच मची अफरातफरी के बीच शुक्रवार को विभिन्न बैंकों की शाखाओं में ग्राहकों की भीड़ उमड़ पड़ी थी.बैंक प्रबंधन द्वारा सरकार के दिशा निर्देश के आलोक में चार हजार तक के बड़े व पुराने नोट बदलने का काम प्रारंभ किया गया, लेकिन ग्राहकों की अधिक भीड़ व नये छोटे नोटों की अनुपलब्धता की वजह से शीघ्र ही बैंकों का नोट खत्म हो गया.
लिहाजा बैंक प्रबंधन द्वारा अधिकांश ग्राहकों को 20 व 10 रुपये का नोट दिया जाने लगा.यह सिलिसिला भी कुछ ही देर चला और 20 व दस रुपये के नोट समाप्त हो जाने की स्थिति में कुछ ग्राहकों को दस एवं पांच रुपये के सिक्के भी उपलब्ध कराये गये.पॉलिथीन की थैली में सिक्का मिलने से ग्राहकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा.भेलाही मुहल्ला वार्ड नंबर 21 निवासी छात्र शंकर कुमार को बड़े नोट के एवज में सेंट्रल बैंक की शाखा द्वारा चार हजार रुपये का सिक्का उपलब्ध करवाया गया.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 500 व 1000 के बड़े नोटों पर पाबंदी लगाये जाने के बाद यह घोषणा की गयी थी कि 11 नवंबर से अपनी जरूरत को पूरा करने के लिए ग्राहक एटीएम से प्रतिदिन 2000 तक की निकासी कर सकेंगे. यही वजह है कि दो दिनों के इंतजार के बाद अपने आवश्यकता की पूर्ति के लिए काफी संख्या में लोग सुबह से ही शहर के विभिन्न एटीएम का चक्कर लगाते देखे गये. हालांकि इनमें शामिल अधिकांश ग्राहकों को निराशा ही हाथ लगी. इसकी वजह यह है कि शहर में संचालित अधिकांश एटीएम शुक्रवार को भी दिन भर बंद रहा.
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