बिहार वासियों के लिए कृषि सबसे बड़ा कारखाना : देवेन्द्र

Updated at :29 Aug 2016 6:43 AM
विज्ञापन
बिहार वासियों के लिए कृषि सबसे बड़ा कारखाना  : देवेन्द्र

सुपौल : बिहार में बाढ़ के विनाशलीला के कारण 40 व्यक्ति असमय काल कवलित हो गये. लाखों लोग घर वार छोड़ कर ऊंच्चे स्थानों पर शरण लिए हुए है. बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री नहीं पहुंच रही है. अधिकांश जगहों पर सरकारी नावों केवल कागज पर दौर रही है. शुद्ध पेयजल का घोर संकट […]

विज्ञापन

सुपौल : बिहार में बाढ़ के विनाशलीला के कारण 40 व्यक्ति असमय काल कवलित हो गये. लाखों लोग घर वार छोड़ कर ऊंच्चे स्थानों पर शरण लिए हुए है. बाढ़ पीड़ितों के बीच राहत सामग्री नहीं पहुंच रही है. अधिकांश जगहों पर सरकारी नावों केवल कागज पर दौर रही है.

शुद्ध पेयजल का घोर संकट बना हुआ है. हजारों किसानों के फसल बर्बाद हो चुके है. इस दिशा में सरकार पूर्णतः असफल साबित हो रही है. समाजवादी पार्टी बाढ़ पीड़ितो के लिए सरकार से तत्काल आवश्यक सुविधा मुहैया कराने की मांग करते है. बाढ़ और सुखाड़ का स्थायी समाधान किये बिना खुशहाल बिहार का सपना साकार नहीं हो सकता है. उक्त बातें भारत सरकार के पूर्व केंद्रीय मंत्री सह समाजवादी पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष देवेन्द्र प्रसाद यादव ने जिला समाजवादी पार्टी कार्यालय में प्रेस वार्त्ता को सम्बोधित करते हुए कही.

श्री यादव ने कहा कि जल प्रबंधन और जल संरक्षण के बिना समृद्ध बिहार की कल्पना संभव नहीं है. कृषि दुनिया का सबसे बड़ा कारखाना है. कहा कि सूबे की 80 प्रतिशत लोगो का जीवन यापन कृषि पर निर्भर करता है. बिहार में सिंचाई क्षमता नहीं बढ़ पाई है. मात्र 30 प्रतिशत ही सिंचित जमीन है. जिसके परिणाम स्वरूप घरेलू खपत को भी पूरा नहीं कर पाते है. बिहार सरकार को इंटरनेशनल म्यूजिक,सर्किट हाउस को चमकाने, विधायक फ्लैट तोड़कर नया फ्लैट बनाने आदि के लिए पैसा है. लेकिन किसानों के फसल बीमा हेतु प्रीमियम के लिए पैसा नहीं है. बिहार में किसान आत्म हत्या करने पर उतारू है. सरकारी दावा बढ़ता बिहार खोखला साबित हो रही है. 69 वर्ष बाद भी आजादी की रोशनी गांव तक नहीं पहुंची है. इसके लिए कौन सरकार जिम्मेदार है ? राज्य में 45 वर्ष की कांग्रेस सरकार या 26 वर्ष की महागंठबंधन की सरकार? ये यक्ष प्रश्न बिहार की जनता के सामने खड़ी है. सरकार आम लोगों को मुद्दा से भटका दिया है.
श्री यादव ने बिहार में शराबबंदी का जिक्र करते हुए कहा कि गांव गांव में पाठशाला खोलने के जगह मधुशाला किसने खुलवाया. शराब सेहत के लिए नुकसान देह है. इसे समझने में सुशासन बाबू को 10 वर्ष लगा. ये अद्भुत वैध 10 साल बिहार वासी को जहर दिया है. अब चार महीना से दवा दे रही है जहरीली शराब से दर्जनों लोगो की मौत हो चुकी है. प्रेस वार्ता में सुधीर मिश्रा, अमलेश कुमार झा, प्रीतम कुमार चौधरी, राजेश कुमार यादव, लालन कुमार झा, परमानंद कुमार आदि उपस्थित थे.
प्रेस वार्ता में उपस्थित पूर्व मंत्री व अन्य.
बिहार में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का नामोनिशान नहीं
बाढ़ राहत के नाम पर हो रही है भयंकर लूट
शराब माफिया को राज्य सरकार का संरक्षण
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन